जिला कलक्टर ने भिनाय, बान्दनवाडा व छछून्दरा के अटल सेवा केन्द्र में ली बैठक
अजमेर 26 अगस्त । जिला कलक्टर डाॅ. आरूषी मलिक ने कहा कि खुले मंे शौच सभ्य समाज के लिए अभिशाप है, हमें अपने घर की महिलाओं की गरिमा व सम्मान की रक्षा हेतु उन्हें खुले में शौच के अभिशाप से मुक्त करना नितान्त आवश्यक है। जिले को इस अभिशाप से मुक्त करने हेतु प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
कलक्टर डाॅ. मलिक आज भिनाय पंचायत समिति की ग्राम पंचायत भिनाय, बान्दनवाडा एवं छछून्दरा के अटल सेवा केन्द्र में आयोजित बैठक में ग्रामवासियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि घर की बहू-बेटी से गरिमा व सम्मान को जोडकर देखा जाता है, कई घरों में घूंघट की परम्परा भी है। ऐसे में घर की महिला का खुले में शौच के लिए भेजना सम्मानजनक नही है।
उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार घर, मोहल्ले व गांव-गांव को खुले में शौच के अभिशाप से मुक्त करने हेतु प्रतिबद्ध है। इससे महिलाओं की अस्मिता व सम्मान का भी रक्षण होगा। सरकार द्वारा खुले में शौच के अभिशाप से मुक्ति हेतु शौचालय निर्माण करवाने वाले प्रत्येक परिवार को 12 हजार रूपए प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। हम अपने घर, मौहल्ले, गांव और जिले को इस अभिशाप से मुक्ति दिलाने के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करें। सभी मिलकर इस कार्य में सहयोग करेेंगे तो निश्चित रूप से सफलता हासिल होगी।
कलक्टर डाॅ. मलिक ने कहा कि जिस प्रकार हम अपने घर को साफ रखते है उसी प्रकार मोहल्ले व गांव को भी साफ व स्वच्छ रखना सभी का नैतिक दायित्व है। घर में शौचालय नही होने से महिलाओं अंधेरे में असुरक्षित व गंदगी से भरे स्थानों पर शौच के लिए जाना पडता है, जिससे कई तरह की संक्रामक बीमारियों भी फैलती है। उन्होंने कहा कि जो भी ग्राम पंचायत सर्वप्रथम खुले में शौच से मुक्त हो जाएगी वहां पर सर्वप्रथम खुले में शौच से मुक्त होने वाली ग्राम पंचायत बनने का सूचना पट्ट लगाया जाएगा, जिसमें खुले में शौच से मुक्त होने की तिथि, सरपंच का नाम, गौरव यात्रा की तिथि आदि का उल्लेख किया जाएगा।
इस मौके पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद श्री राजेश कुमार चैहान ने कहा कि जिले में कुल 282 ग्राम पंचायतें है, जिन्हें पूर्णतया खुले में शौच से मुक्त करने हेतु मिशन के तहत कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने एएनएम, आंगनवाडी कार्यकर्ता, शिक्षकों, सरपंच, वार्डपंच व गणमान्य नागरिकों से आमजन को शौचालय निर्माण हेतु प्रेरित करने की बात कही, जिससे स्वच्छता व सफाई के उच्च मापदंड हासिल कर ग्राम पंचायत को निर्मल ग्राम पंचायत बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि निर्मल ग्राम पंचायत बनने पर सरकार द्वारा विकास हेतु अतिरिक्त सहायता राशि भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे गांव का समग्र विकास हो सकेगा।
इस अवसर पर ग्राम पंचायत भिनाय, बान्दनवाडा व छछून्दरा में ग्रामवासियों ने कलक्टर डाॅ. मलिक का स्वागत व अभिनन्दन किया। भिनाय सरपंच श्रीमती उषा वर्मा ने कलक्टर डाॅ. मलिक को स्मृति चिह्न भेंट किया एवं भरोसा दिलाया कि ग्राम पंचायत को जल्द ही पूर्णतया खुले में शौच से मुक्त किया जाएगा। ग्राम पंचायत बान्दनवाडा में ग्रामवासियों ने हाथीपुरा में पेयजल आपूर्ति ना होने की शिकायत की, जिस पर कलक्टर डाॅ. मलिक ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को समस्या के त्वरित निस्तारण हेतु निर्देश दिए।
इस अवसर जिला परिषद के ए.सी.ई.ओ. श्री जगदीश चन्द हेड़ा, उपखण्ड अधिकारी श्रीमती ज्योति ककवानी, तहसीलदार सुरेन्द्र सिंह़ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने चापानेरी गांव में भी ग्रामीणों को घरों में शौचालय निर्माण के लिए पे्ररित किया।