शिक्षक प्रशिक्षण संस्थाओं के लिए पृथक कैडर का समर्थन

राजस्थान में निर्मित प्रत्येक डाईट संस्थान का पोर्टल ’प्रशिक्षक पोर्टल‘ से जोड़ा जायेगा
-ः शिक्षा राज्य मंत्राी श्री वासुदेव देवनानी

PROAJM(1)नई दिल्ली, 30 जून, 2016। राजस्थान के शिक्षा राज्यमंत्राी श्री वासुदेव देवनानी ने
शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों, एस.आई.ई.आर.टी., डाईट, आई.ई.ए.एस.ई. सीमेट के लिए पृथक
कैडर बनाने के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए बताया कि राजस्थान मे ं प्रत्येक डाईट संस्थान का
पोर्टल बनाया गया है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर शुरू किए गए ’’प्रशिक्षण‘‘ पोर्टल से जोड़ा जाएगा।
श्री देवनानी ने गुरूवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केन्द्रीय मानव संसाधन
विकास मंत्राी श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी द्वारा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाईट) में
शिक्षकों के लिए बनाये गये ’’प्रशिक्षक‘‘ पोर्टल के शुभारंभ समारोह में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि नये पोर्टल से देश भर के डाईट संस्थाओं की जानकारी मिल सकेगी
और शिक्षा के क्षेत्रा में होने वाले नवाचारों को आदान-प्रदान किया जा सकेगा।
श्री देवनानी ने बताया कि राजस्थान में तीन ऑन लाईन पोर्टल शाला दर्पण, शाला
दर्शन और ई-ज्ञान बनाये गये हैं, जो कि काफी उपयोगी साबित हो रहे है।
82 लाख छात्रों का रिकॉर्ड कम्प्यूटरीकृत्त
उन्होंने बताया कि राज्य में 82 लाख छात्रों के साथ ही सभी शिक्षकों का रिकार्ड
कम्प्यूटरीकृत्त किया गया है। जिसमें उनका ब्लड गु्रप, आधार कार्ड और अन्य जानकारियां
संकलित की गई है।
श्री देवनानी ने बताया कि कम्प्यूटरीकृत्त जानकारी के आधार पर हर शिक्षक एवं छात्रों
को उनके जन्म दिवस पर मुख्यमंत्राी और शिक्षा मंत्राी की और से बधाई संदेश भेजे जायेंगे।
बालिकाओं के परिवार को सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के लिए 51 हजार रूपये
उन्होंने बताया कि राज्य में इस वर्ष एक जून के बाद पैदा होने वाली सभी बालिकाओं के
परिवार को सरकारी स्कूलों में बालिकाओं की शिक्षा के लिए आर्थिक मदद दी जायेगी।
बालिकाओं के जन्म के साथ ही परिवार के मुखिया के खाते में 2500 रूपये जमा करवा दिए
जायेंगे और बालिका को उच्च शिक्षा तक 51 हजार रूपये तक की मदद दी जायेगी।
नया पोर्टल उपयोगी
श्री देवनानी ने बताया कि डाईट शिक्षकों के लिए लान्च किया गया ’’प्रशिक्षक‘‘ पोर्टल
शिक्षण, प्रशिक्षण एवं अनुसंधान की दृष्टि से उपयोगी पोर्टल साबित होगा।
उन्होंने बताया कि राजस्थान में सूचना एवं संचार तकनीक (आई.सी.टी.) का सदुपयोग
कर शिक्षा के क्षेत्रा में कई नवाचार किए जा रहे हैं। नया पोर्टल डाईट मंत्रा को सुदृढ़ बनायंेगा।
साथ ही गुणात्मक दृष्टि से बेहतर शिक्षक उपलब्ध करवाने और आदर्श विद्यालय में मदद
करेगा, जिससे छात्रों की उत्कृष्ट नई पीढ़ी का आगाज संभव हो सकेगा। पोर्टल पर हर वर्ष
शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की पद्धति का क्लैण्डर दर्शाने की अपेक्षा भी की गई है।

error: Content is protected !!