क़लम उठ जाती है September 27, 2016 by associate नटवर विद्यार्थीदेश चूसने वाले खटमल , सभी जगह पर छाए । आज कहावत सही हो रही , बाड़ खेत को खाए । सबकी अपनी-अपनी तृष्णा , देश भाड़ में जाए । सभी मगन है, यही लगन है , कितना , कहाँ कमाए ? – नटवर विद्यार्थी