बीकानेर, 1 जुलाई। राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ के प्रान्तीय प्रतिनिधी अविनाश आचार्य ने माननीय मुख्य न्यायाधिपति राजस्थान उच्च न्यायालय को पत्र लिख कर दिनांक 23.07.2017 को आयोजित होने वाली कनिष्ठ लिपिक भर्ती परीक्षा को स्थगित करने की मांग की है।
आचार्य ने एक पत्र में बताया है कि माननीय मुख्य न्यायाधीश राजस्थान उच्च न्यायालय को शेट्टी पे कमीशन द्वारा अधीनस्थ न्यायालयों के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को दिनांक 01.04.2003 से 15 प्रतिशत की जगह 25 प्रतिशत कनिष्ठ लिपिक के पदों पर निर्धारित किया है। इन सिफारिशों को लागू करने के लिये माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा रिट पिटिशन (सिविल) संख्या 1022/1989 अनुमान ऑल इण्डिया एसोसियेशन आदि बनाम यूनियन ऑफ इण्डिया आदि के निर्णय दिनांक 07.10.2009 तथा 16.03.2015 को राज्य सरकार तथा उच्च न्यायालय को दिनांक 31.12.2015 तक पालना करने का आदेश दिया था। मात्र नियमों में में संशोधन नहीं किये जाने से यह प्रकरण गत 16 महीनों से लम्बित है।
आचार्य ने यह भी कहा है कि उच्च न्यायालय तथा सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना न करने से 1000 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पदोन्निति से वंचित रह रहे हैं। इससे राज्य सरकार को किसी प्रकार का आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ना है और न्यायालयों को अनुभवी कर्मचारी मिल जाएंगे। एक तरफ माननीय प्रधानमंत्री दलित, शोषित, उपेक्षित वर्ग को संरक्षण देने की बात कर रहे हैं, वहीं उन्हीं की पार्टी की मुख्यमंत्री गत सोलह महीनों से लम्बित पड़े ड्राफ्ट को मंजूरी देने में आनाकानी कर रहीं है।
आचार्य ने मांग की है कि सरकार और हाई कोर्ट प्रशासन को स्वेच्छा से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को कनिष्ठ लिपिक के पदों पर 50 प्रतिषत कोटा देना व्यवहारिक है क्यांेकि गत 20 वर्षो में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर नियुक्त होने वाले 80 प्रतिशत कर्मचारी ग्रेजुएट पोस्ट ग्रेजुएट होने के साथ साथ बी. एड, एल.एल.बी, बी.जे.एम.सी, पी.जी.डी.एल.एल की शैक्षिणिक योग्यताऐं रखते हैं तथा पन्द्रह प्रतिशत कोटे के नियम लगभग 25 वर्ष पुराने हैं, उस समय साक्षर व आठवी पास सहायक कर्मचारी ही नौकरी में आते थे।
दिनांक 23.07.2017 को आयोजित होने वाली परीक्षा लेकर कनिष्ठ लिपिक के लगभग 1700 कर्मचारियों के पदों पर भर्ती कर दी गई तो 35 वर्ष से 53 वर्ष की उम्र तक के आशान्वित सहायक कर्मचारियों को और अधिक वर्षो तक पदोन्नति का इन्तजार करना पडे़गा क्योंकि 33 जिलों में लगभग 1700 से अधिक कनिष्ठ लिपिक के पद रिक्त हैं, इतने पद भविष्य में आने संभव नहीं है।
(अविनाश आचार्य)
प्रान्तीय प्रतिनिधि
राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ
जिला शाखा-बीकानेर
मो.-9460187626