बीकानेर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रोें में आमजन को जहां एक ओर बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर समन्वित प्रयासों से उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में अत्याधुनिक भवन निर्माण व उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। जिले में उत्कृृष्ट चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए, केन्द्र व राज्य सरकार तथा दानदाताओं के सहयोग से सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज व पीबीएम अस्पताल परिसर में अभूतपूर्व विकास कार्य करवाए जा रहे हैं, जिनसे बीकानेर की देश-प्रदेश में एक विशिष्ट पहचान स्थापित हो रही है।
गत तीन वषोर्ं में सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज व पीबीएम अस्पताल परिसर में अनेक निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं व कई कार्य प्रगतिरत हैं। भारत सरकार की प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के फेज-ााा अन्तर्गत, महाविद्यालय में लगभग 150 करोड़ रूपए की लागत से सुपर स्पेशियलिटी विंग की स्थापना की जा रही है, इसका अब तक लगभग 25 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। राजकीय इंस्टीट््यूट ऑफ मेंटल हैल्थ, न्यूरोएलाईड एंड न्यूरोसाईंसेज सेंटर को “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” के रूप में विकसित करने हेतु भारत सरकार द्वारा स्वीकृृति प्रदान की गई है, इस पर 33.70 करोड़ रूपए की लागत आएगी। इसका निर्माण कार्य प्रगति पर है।
पीबीएम अस्पताल में मोर्चरी भवन का निर्माण व आधुनिकीकरण कार्य 63.89 लाख रूपये की लागत से पूर्ण हो चुका है। सूरजदेवी मोतीलाल दुग्गड़ राजकीय यूरो साईंस सेंटर के तहत 4.5 करोड़ रूपये राज्य सरकार द्वारा एवं 4.5 करोड़ रूपये दानदाता संस्था की सहभागिता से निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। एमसीएच विंग का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है, विंग में 50 बैड््स की क्षमता है। ओपीडी विंग का 10 करोड़ रूपए की लागत से निर्माण पूर्ण हो चुका है। चुन्नीलाल सोमानी राजकीय ट्रोमा सेंटर से रोगियों को बड़ी राहत मिल रही है, इसके निर्माण पर 12 करोड़ रूपए की लागत आई है। इसके साथ ही अस्पताल में विभिन्न दानदाताओं के द्वारा 2 करोड़ रूपए की लागत से ऑक्सीजन प्लांट, 1.50 करोड़ रूपए की लागत से ब्लड बैंक का विस्तार व 1.25 करोड़ रूपए की लागत से बॉनमेरो ट्रांसप्लांट यूनिट की स्थापना की जाएगी, इनका निर्माण कार्य शीघ्र ही प्रारंभ होगा।
सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में मल्टी डिसिप्लेनेरी रिसर्च लैब की 5.25 करोड़ रूपए की लागत से स्थापना की जा रही है, जिसके तहत प्रथम फेज में 1 करोड़ रूपए के उपकरण व 25 लाख रूपए के सिविल कार्य करवाए गए हैं। उपलब्ध संसाधनों से यहां लैब प्रारम्भ कर दी गई है। 38 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले टर्सरी कैंसर केयर सेंटर की स्थापना हेतु केन्द्र सरकार से प्रथम किस्त के तहत 17.123 करोड़ रूपये की व राज्य के हिस्से की राशि 11.12 करोड रूपये की स्वीकृति प्राप्त हो गई है। कॉलेज में गल्र्स हॉस्टल के निर्माण कार्य के तहत 22.13 करोड़ रूपए व्यय कर छात्रावास भवन में 216 सिंगल सीटेड कमरे, 32 डबल सीटेड, 24 ट्रिपल सीटेड कमरों के साथ कॉमन रूम्स, मैस, सिक रूम्स, प्रतीक्षा कक्ष, कार्यालय तथा सुरक्षा कक्ष का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। कॉलेज में 448 लाख रूपए की लागत से जीएनएम टी सी गल्र्स हॉस्टल का निर्माण किया गया। यहां 320 लाख रूपए की लागत से राजकीय नर्सिंग कॉलेज भवन का निर्माण करवाया गया है, इसमें 350 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
राज्य सरकार द्वारा मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध अस्पतालों में बढ़ते रोगी भार को कम करने के उद््देश्य से शहरी चिकित्सालयों और जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज के वित्तीय एवं प्रशासनिक नियंत्रणाधीन किया गया है। वर्तमान में गंगाशहर शहरी स्वास्थ्य केन्द्र तथा राजकीय जिला अस्पताल में मेडिसिन, सर्जरी, गायनी और ऑर्थोपेडिक्स विशेषज्ञों की ओपीडी सेवाएं विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रदान की जा रही हैं। ‘एडोप्ट अ वार्ड’ योजना के तहत चिकित्सालय के आपात््कालीन, आईसीयू के पार्क तथा मेडिसिन विभाग के विभिन्न वाडोर्ं व पार्क के रखरखाव का कार्य समाजसेवियों व दानदाताओं द्वारा किया जा रहा है।
-शरद केवलिया सहायक जनसम्पर्क अधिकारी, बीकानेर