वनस्थली से छात्राओं का पलायन

निवाई/जयपुर। वनस्थली विद्यापीठ प्रकरण में पुलिस ने बुधवार को रिकॉर्ड जुटाया और छात्राओं के बयान लिए। इसके अलावा विद्यापीठ में आपाजी आरोग्य अस्पताल व सवाईमानसिंह अस्पताल से भी रिकॉर्ड तलब किया गया है। उधर, अजमेर की संभागीय आयुक्त किरण सोनी ने विद्यापीठ में छात्राओं के साथ छेड़छाड़ और कथित ज्यादती के मामले में जांच रिपोर्ट मुख्य सचिव को दे दी है।

मुख्य सचिव सीके मैथ्यू ने इसे कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री को भेज दिया है। मैथ्यू ने बताया कि वहां से निर्देश आने के बाद ही कार्रवाई पर फैसला होगा। थानाधिकारी राजेश वर्मा ने बताया कि पुलिस द्वारा गठित विशेष महिला जांच दल की प्रभारी बीकानेर डीवाईएसपी अनुकृति उज्जैनिया और वनिता शर्मा ने बुधवार को विद्यापीठ में बीटेक व 11 वीं कक्षा की छात्राओं से पूछताछ की।

दल ने अध्ययनरत छात्राओं, विद्यापीठ छोड़कर जाने वाली छात्राओं, निकाली गई छात्राओं एवं छुट्टी पर गई छात्राओं का रिकॉर्ड प्राप्त किया है। वनस्थली विद्यापीठ प्रकरण में अजमेर की संभागीय आयुक्त ने मुख्य सचिव को दी रिपोर्ट में संवाद की कमी और विद्यापीठ प्रशासन की लापरवाही को कारण बताया है। इस लापरवाही के लिए कुलपति के विदेश दौरे जिम्मेवार रहे। जिस समय पहली घटना हुई।

उस दौरान कुलपति आदित्य शास्त्री पेरिस में थे। दूसरी घटना के बीच हुई। उस समय कुलपति चीन में थे। छात्राएं शिकायत करने के लिए जिन वार्डनों के पास जा रही थीं, वो उनकी शिकायतों को तवज्जो नहीं दे रहे थे। मोबाइल पर एसएमएस भी खारिज किए गए। अंत में छात्राओं ने परिसर में रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन करके बवाल मचा दिया।

वनस्थली प्रकरण में संभागीय आयुक्त की रिपोर्ट में संवाद की कमी और प्रशासन की लापरवाही सामने आई है? जिन तारीखों को इन घटनाओं का उल्लेख है, उस दौरान मैं शिक्षक सम्मेलनों में भाग लेने के लिए पेरिस और चीन में था। वैसे छात्राएं मुझसे सीधे मिलती है और अपनी-अपनी समस्याएं बताती हैं। ऐसे में हमारे बीच संवाद की कमी कहां रह गई। इस घटना के बाद छात्राएं सहमी हुई हैं और वनस्थली छोड़कर घर लौट गई है? वनस्थली में दस हजार लड़कियां है। ऐसे में 200-300 छात्राएं रोजाना आती जाती है। हो सकता है कि इनमें 100-200 लड़कियां अधिक घर चली गई हो। इससे वनस्थली को कुछ फर्क नहीं पड़ता।

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