आज दिनाक 21 अगस्त 2017 को राजकीय विधि महाविधालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एड्वोकेट राजीव भारद्वाज बगरू और छात्रनेता रचित कच्छावा के नेतृत्व में विधि महाविधालय में बैठक का आयोजन किया गया और उसमें यह निर्णय लिया की सर्वप्रथम तो राजस्थान की मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अजमेर विधि महाविधालय की मुलभुत समस्याओ से अवगत कराया जाये।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एड्वोकेट राजीव भारद्वाज बगरू और छात्रनेता रचित कच्छावा ने पत्र में अजमेर स्थित्त राजकीय विधि महाविधालय में लंबे अरसे से मुलभुत समस्या से झुंझ रहा कभी पूर्व में महाविधालय में आ रही परेशानी की वजह से मान्यता समय पर नही मिल पाई थी और जनवरी में प्रवेश हुए और जिन समस्या के अभाव में मान्यता नही मिल पा रही थी वो आज भी जस की तस है जिनमे महाविधालय में सबसे बड़ी समस्याये शिक्षको की कमी,महाविधालय की चारदीवारी नही, महाविधालय में शारीरिक शिक्षक,खेल मैदान,स्थाई प्राचार्य,स्थाई पुस्तकालय अध्यक्ष, लिपिको की कमी जिस से आये दिन विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।।
1. 2005 से हर वर्ष महाविधालय के हर विद्यार्थी से 100 रूपये खेल शुल्क के नाम से वसूला जा रहा है जबकि आज तक ना तोह महाविधालय के एक भी टीम को यूनिवर्सिटी के किसी भी खेल में सहभागिता हुई है ना ही आज तक कोई खेल का स्थायी या अस्थाई शिक्षक को महाविधालय में लगाया गया है ।
2. महाविधालय में पूर्व में 7 शिक्षक थे उसके बाद भी बी.सी.आई. और यूनिवर्सिटी के द्वारा हर वर्ष शिक्षको की कमी दर्शाया गया है उसको पूर्ण करने की बजाय यहाँ पहले से मौजूद कार्यवाहक प्राचार्य, सहीत 2 अन्य शिक्षको की नियुक्ति अन्यत्र महाविधालय में कर दी गयी जिस से वर्तमान में मात्र 4 स्थाई शिक्षक है
3. महाविधालय में वर्तमान में मात्र 4 शिक्षक है और प्राचार्य भी अस्थाई है जिसके कारण विद्यार्थियो के समय पर कोर्स पूरा नही हो पाता और पूर्व में अस्थाई के तौर पर सत्र 2012-13 में शिक्षा आयुक्तालय के द्वारा अस्थाई के तौर पर मात्र 1 वर्ष ही शिक्षको की नियुक्ति दी गयी उसके बाद आज तक उनकी नियुक्ति नही दी गयी।
4. महाविधालय के सत्र 2014 में नये भवन में शिफ्ट होने के बाद महाविद्यालय के तीनो और बड़े बड़े गढ़े है जो महाविधालय में कभी भी किसी बड़े हादसे को न्यौता दे रहे है और साथ ही महाविधालय के चारो और चारदीवारी भी नही होने से प्रतिदिन असामाजिक ,नशेड़ी लोगो का जमावड़ा रहता है और चारदीवारी के अभाव के कारण ही महाविधालय में खेल की गतिविधियाँ नही होती।
5. महाविधालय में हर वर्ष अस्थाई के तौर पर वरिष्ठ अधिवक्ता की नियुक्ति की जाती है जिस से उनके द्वारा विद्यार्थियो के कोर्स पूरा कराया जा सके जबकि उनको मानदेय कम होने के कारण पूर्व में महाविधालय का शहर में होने से अधिवक्ता आ जाते है परंतु वर्तमान शहर से 10 कि. मी. होने के कारण मात्र नियुक्ति कर इतिश्री कर ली जाती है और वो प्रतिदिन के बजाये मात्र एक सप्ताह में एक बार आते है और इस बार तो उनकी भी अभी तक नियुक्ति नही की गयी है।
पूर्व में भी समय समय पर इस मांग से अवगत कराया जा चूका है छात्रों के द्वारा पत्र में चेतवानी दी जल्द महाविधालय की मुलभुत समस्याओ का निस्तारण कर प्रथम वर्ष की मान्यता दिला प्रवेश जल्द प्रारंभ किये जाये जिस से छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ ना हो अन्यथा जल्द उग्र आंदोलन किया जायेगा जिसकी पूर्ण ज़िमेदारी प्रशासन की होगी।
बैठक के दौरान पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एड्वोकेट राजीव भारद्वाज बगरू, छात्रनेता रचित कच्छावा, राजा महाजन, अनूज माथुर,पंकज सोनी,एड्वोकेट दिनेश शर्मा,,पियूष जैन, वीरेंद्र सिंह भगोट, भंवर चौधरी, तरुण तुनवाल,मनीष शर्मा, सतवीर पट्टीवाल,हर्षा शर्मा, आदि मौजूद थे ।
राजीव भारद्वाज बगरू
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष