
जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करना दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलो को भारी पड़ी। निकाय चुनाव परिणाम में अनेक स्थानों पर किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। तथा निकाय प्रमुख चुनने के लिए निर्दलीय का साथ लेना आवश्यक हो गया।
*जो कल तक बागी थे अब वही तारणहार बनने जा रहे हैं*।अनेक स्थानों पर निकाय प्रमुख का चुनाव जीतने के लिए निर्दलीय जीतने वाले पार्षदों का सहयोग महत्वपूर्ण हो गया।
राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल तथा पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के क्षेत्र में भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा।
इस चुनाव में *जमीनी और पुराने वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की उपेक्षा करना भाजपा और कांग्रेस को भारी पड़ा।* जब भी कोई उम्मीदवार जीतता है तो *जीतने के बाद 5 वर्षों तक चापलूस स्वार्थी लोगों की मंडली में घिरा रहता है* और चुनाव समय में निःस्वार्थ भाव से काम करने वाले कार्यकर्ताओं को किनारे कर दिया। भाजपा भी इससे अछूती नहीं रही।
आम जनता अब तक कांग्रेस के विकल्प के रूप में भाजपा से आशावान थी । लेकिन भाजपा राज में भी भ्रष्टाचार से जनता ऊब गई। यही कारण रहा कि इस बार प्रमुख दल की बजाय तीसरे यानी निर्दलीय को अपना वोट और समर्थन दिया।
*कैन्द्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना का अजमेर में जो हाल हुआ। इससे आम जनता खिन्न है। सोंदर्यकरण के नाम पर ऐतिहासिक और अजमेर का गौरव आनासागर झील की दुर्दशा, सीमेंट कंक्रीट के पहाड़ बनाने और तोड़ने में धन की बर्बादी , जनप्रतिनिधियों की कमीशन खोरी, चापलूस चमचागीरी करने वाले, धरातल की बजाय सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले को टिकट देना तथा पुराने निष्ठावान और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की उपेक्षा भाजपा की हार का प्रमुख कारण रहा है।*
डीडवाना में *भाजपा उम्मीदवार को मात्र एक वोट* मिलना *नसीराबाद में भाजपा उम्मीदवार को मात्र *11 वोट*, *बीकानेर के श्री डूंगरगढ़ में कांग्रेस प्रत्याशी को मात्र एक वोट मिलना* एक संकेत है। वही *भरतपुर नगर निगम चुनाव परिणाम और भी चौंकाने वाले रहे हैं यहां कुल 65 में से आधे से अधिक 38 पर अन्य जीते हैं।* मतदाताओ ने भाजपा को 20 और कांग्रेस को मात्र 7 ही सीटें दी। ब्यावर में भाजपा के 10 उम्मीदवारो और कांग्रेस के 5 उम्मीदवारो की जमानत जब्त हुई।
कुल मिलाकर सार यह है कि विकास की जिन अपेक्षाओ से कार्यकर्ताओं और मतदाताओ ने जिताया है जीतने के बाद उन कार्यकर्ताओं का सम्मान तथा विकास की अपेक्षाओं को पूरा करने का ईमानदारी से प्रयास करना चाहिए।
*हीरालाल नाहर*
*9929686902*
*राजनीतिक विश्लेषक व चिंतक*