फ़िरोज़ खान
बारां 04 अक्टूबर। राजस्थान में किसानों की कर्ज माफी सहित विभिन्नों मांगों को लेकर बारां से झालावाड़ तक किसान न्याय यात्रा कर रहे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने आज बुधवार को ग्राम बामला से रवाना होते समय कहा कि जब तक किसान को राज्य सरकार द्वारा राहत प्रदान नहीं की जायेगी, तब तक हमारे कदम नहीं रूकेंगें। माननीय मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे किसानों को राहत देने के नाम पर चुनाव से ठीक कुछ महिनों पूर्व राहत देने का मन बना रही है, जिसके पीछे उनकी राजनीतिक लाभ बटोरने की मंशा है ओर हम उनके इन मन्सूबों को पूरा नहीं होने देंगें। इसके लिए चाहे हमें कोई भी कीमत चुकानी पड़ जाये।
पायलट ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केबिनेट के मंत्री किसानों की तकलीफ समझने की बजाय उनके दर्द पर नमक छिड़कने जैसे बयान दे रहे है। उनका ये ईशारा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री द्वारा दिये गये उस बयान की ओर था, जिसमें उन्होंने कहा कि कर्ज माफी किसानों को पंगु बनाने के लिए होती है। पायलट ने कहा कि उŸार प्रदेश में विधानसभा चुनाव के समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसानों का कर्जा माफ किये जाने की बात क्यों कर रहे थे।
पीसीसी अध्यक्ष ने बताया कि हमारी ओर से मुख्यतः नौ मांगें राज्य सरकार के समक्ष रखी गई हैं। इनमें पहली खेतीबाड़ी से जुड़े सभी प्रकार के कर्ज तत्काल माफ किये जाकर किसानों को ‘नोड्यूज’ जारी किये जावें तथा खाद, बीज एवं कृषिगत उपकरणों एवं यंत्रादि को जीएसटी से मुक्त किया जावें। दूसरी हाड़ौती सहित प्रदेश भर में कर्ज के चलते आत्महत्या कर चुके किसान-परिवारों का सम्पूर्ण बैंकिग ऋण माफ किया जाकर, सम्मानपूर्वक उचित मुआवजा दिया जाकर सूचीबऋ सभी प्रभावित परिवारेां को विशेष श्रेणी का दर्जा दिया जावें। तीसरी टमाटर, प्याज एवं लहसुन आदि नगदी फसल उत्पादों के लिए क्षेत्रवार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद केन्द्र स्थापित कर लागत से 50 प्रतिशत अधिक मुनाफा/बोनस दिये जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। चैथी धनिया एवं सोयाबीन आदि जिंसो को समर्थन मूल्य के दायरे में लाने का आदेश तत्काल जारी किया जावे। पाँचवीं आत्महत्या कर चुके किसान परिवारों तथा छोटी जोत के किसानों को समय पर उनकी जरूरत के हिसाब से ऋणादि की सुविधा मुहैया करवाने हेतु राष्ट्रीकृत बैंकों सहकारी बैंकों, निजी बैंकों, विŸाीय एजेन्सियों को ‘विशेष एड़वाइजरी’ जारी की जावे एवं तर्कसंगत बीमा व्यवस्था तत्कािल लागू की जाकर सम्बंधित बीमा कम्पनियों को किसानोंन्मुखी व्यवस्था हेतु आदेशित किया जावे। छठी आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन कर मध्यम एवं बड़ी जोत के किसानों को सीधे तौर पर कृषि उत्पाद के निर्यात की छूट प्रदान की जावें। सातवीं कृषि कार्यों के लिए बिजली की सप्लाई 08 घंटे पुख्ता तौर पर दी जाकर तर्कसंगत एवं पारदर्शिता से बिलिंग संधारण का सिस्टम निर्धारित किया जावें। आठवीं हालिया तौर पर बारां-झालावाड़ में हुई बारिश के चलते उड़द एवं सोयाबीन सहित नष्ट हो चुकी सभी फसलों का सर्वें कराया जाकर प्रभावित किसानों को दीपावली पूर्व उचित मुआवजा तथा लागत से 50 प्रतिशत अधिक बोनस दिया जावें। तथा नवीं कृषि पैदावार में विशेष भागीदारी को ध्यान में रखते हुये बारां-झालावाड़ सहित हाड़ौती क्षेत्र के लिए विशिष्ट दर्जा प्रदान किया जाकर कृषि क्षेत्र के उन्नयन, किसानों के कल्यार्णााि वाणिज्यिक एवं औषधीय खेती सहित साद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष अनुदानित तथा परिणामूलक परियोजनाओं तथा कार्यक्रमों की घोषणा की जावें।
पायलट ने आज बामला से प्रातःकाल में पद यात्रा की शुरूआत की। स्टेट मेगा हाईवें पर धोला कुआँ, बोरदा, चैकी, बपावरखुर्द, बपावरकलां, लटूरी, डूंगरपुर, मोईकलां, भैरूपुरा, बिलासरा, चिकली, सुमर, धोबड़ा तथा खानपुर यात्रा को जबर्दस्त जनसमर्थन मिला।
इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री प्रमोद भाया ने कहा कि हमारी ओर से किसान न्याय यात्रा की घोषणा किये जाने से घबराकर सरकार आनन-पानन में सोयाबीन एवं उड़द की खरीद के लिए कृषि उपज मण्ड़ी समितियों में तुलाई केन्द्र खोले जाने का आदेश तो जारी कर दिया लेकिन इस व्यवस्था को प्रभावी तौर पर लागू नहीं किया गया। खामियों के चलते किसान खरीद केन्द्रों पर पहुंचकर भी स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे है। समर्थन मूल्य पर उड़द एवं सोयाबीन की खरीद के लिए मात्र 71 किलो प्रति बीघा जिन्स बेंचने की सीमा निर्धारित कर दी गई जो किसानों के साथ बड़ा अन्याय है। दूसरी ओर जिन्स की बेचान के लिए रजिस्ट्रेशन आदि की आॅपचारिकताओं तथा उलझाव मापदण्ड़ निर्धारित किये जाने से कोटा भामाशाह मण्ड़ी का खरीद केन्द्र सुना पड़ा हुआ है, जबकि किसानों को मजबूरी में त्यौहारी दबाव के चलते खुली निलामी की प्रक्रियान्तर्गत बेंचना पड़ रहा है।
नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूड़ी, उप नेता प्रतिपक्ष रमेश मीणा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. बी.ड़ी कल्ला, वरिष्ठ नेता हरिमोहन शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता अर्चना शर्मा, पूर्व विधायक प्रतापसिंह खाचरियावास, जिला प्रभारी अशोक बैरवा, पूर्व सांसद इज्यराजसिंह, पूर्व मंत्री रामलाल जाट, उर्मिला जैन भाया लोकसभा प्रत्याशी, पानाचन्द मेघवाल जिलाध्यक्ष, एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यु पुनिया, प्रदेश सचिव इन्द्रराज गुर्जर, विधायक घनश्याम मेहरा, पूर्व मंत्री रामगोपाल बैरवा, उपाध्यक्ष राजेन्द्र चैधरी, पूर्व मंत्री खिलाड़ीलाल बैरवा, सचिव शरद शर्मा, पंकज मेहता, पूनम गोयल सहित हजारों कांग्रेसजनों ने किसान न्याय यात्रा में शिरकत की।