शहरी सेवा शिविर-2026 : आमजन को त्वरित राहत, प्रशासन के प्रति बढ़ा विश्वास
अजमेर, 30 जून। राजस्थान सरकार के निर्देशन में आयोजित शहरी सेवा शिविर-2026 आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभर रहा है। ’’तत्पर प्रशासन, त्वरित समाधान’’ की भावना को केंद्र में रखते हुए अजमेर विकास प्राधिकरण के अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ नागरिकों की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण कर रहे हैं।
शिविरों में विभिन्न प्रकरणों का मौके पर ही त्वरित समाधान होने से शिविरों की पारदर्शी कार्यप्रणाली एवं प्रभावी व्यवस्था के प्रति आमजन में विश्वास बढ़ा है। समस्याओं के शीघ्र समाधान से लाभार्थियों के चेहरों पर दिखाई देने वाली संतुष्टि और खुशी ही इन शिविरों की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण बन गई है।
पट्टों के त्वरित वितरण से लाभार्थियों ने जताया आभार
नोसर निवासी श्री रमाकांत ओझा ने अपने भूखंड के फ्रीहोल्ड पट्टे के लिए शहरी सेवा शिविर में आवेदन प्रस्तुत किया था। मंगलवार को वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में पहुंचे, जहां अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए कुछ ही मिनटों में उनका फ्रीहोल्ड पट्टा जारी कर दिया। श्री ओझा ने इस सरल, पारदर्शी एवं त्वरित प्रक्रिया की सराहना करते हुए अजमेर विकास प्राधिकरण का आभार व्यक्त किया और कहा कि शहरी सेवा शिविर आमजन के लिए अत्यंत लाभकारी पहल सिद्ध हो रहा है।
इसी प्रकार घूघरा निवासी श्रीमती ममता पारीक ने अपने प्लॉट को लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड कराने के लिए आवेदन किया था। उन्होंने बताया कि आवेदन प्रस्तुत करने के कुछ ही घंटों के भीतर उन्हें सूचना मिल गई कि उनका फ्रीहोल्ड पट्टा तैयार हो चुका है। उन्होंने कहा कि इतनी तेज, पारदर्शी और सहज प्रक्रिया की उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। श्रीमती पारीक ने राजस्थान सरकार एवं अजमेर विकास प्राधिकरण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शहरी सेवा शिविर वास्तव में आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन गया है।
आज 171 प्रकरणों का निस्तारण
शहरी सेवा शिविर के प्रति आज भी नागरिकों में उत्साह देखने को मिला। शिविर में लगभग 500 लोगों ने विभिन्न समस्याओं एवं योजनाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा अधिकारियों से परामर्श लिया। शिविर में कुल 171 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इनमें कृषि भूमि पर बसी स्वीकृत योजनाओं में 42 प्रकरण, बकाया लीज जमा कर फ्रीहोल्ड एवं लीजमुक्ति प्रमाण-पत्र के 5 प्रकरण, प्राधिकरण की योजनाओं से संबंधित 15 प्रकरण, निर्माण अवधि विस्तार के 35 प्रकरण, भवन मानचित्र के 4 प्रकरण, भूखंडों के उपविभाजन/पुनर्गठन के 2 प्रकरण, लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड के 7 प्रकरण, नामांतरण के 44 प्रकरण, आवंटन पत्र जारी करने के 17 प्रकरण का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया।
इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी स्थानीय एवं व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान के लिए शिविर में अधिकारियों से संपर्क किया। अधिकारियों ने प्रत्येक व्यक्ति की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुनते हुए आवश्यक मार्गदर्शन एवं समाधान संबंधी सुझाव प्रदान किए।