भामाशाह रोजगार सृजन योजना में ऋण सीमा अब 25 लाख

उद्योग विभाग के प्रमुख शासन सचिव ने ली संभागस्तरीय समीक्षा बैठक
ग्रामीण क्षेत्र में 4 हजार मीटर भूमि का होगा डीम्ड कन्वर्जन
जयपुर में 5 से 8 जनवरी तक लगेगा इण्डिया इंडस्टि्रयल फेयर

Udyog rOOPANGARH1अजमेर, 15 नवम्बर। राज्य सरकार प्रदेश में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार नियमों में सरलीकरण कर रही है। भामाशाह रोजगार सृजन योजना के तहत ऋण सीमा 10 लाख से बढ़ाकर अब 25 लाख कर दी गई है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योगों की स्थापना के लिए 4 हजार वर्गमीटर तक डीम्ड कन्वर्जन तहसीलदार द्वारा किया जाएगा। रीको द्वारा भी 30 नवम्बर तक समस्या समाधान शिविर लगाए जाकर विभिन्न समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।
प्रमुख शासन सचिव उद्योग (एमएसएमई) श्री सुबोध अग्रवाल ने आज जयपुर रोड स्थित उद्योग भवन में संभाग के उद्योग संगठनों की बैठक लेकर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे द्वारा प्रदेश में उद्योगों की बढ़ावा देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए लगातार नियमों का सरलीकरण किया जा रहा है। राज्य सरकार ने भामाशाह रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत ऋण सीमा को दस लाख से बढ़ाकर 25 लाख कर दिया है। इसके साथ ही ब्याज की सब्सिडी भी 4 से बढ़ाकर 8 प्रतिशत कर दी गई है।
उन्हाेंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में कृषि भूमि पर उद्योग स्थापना के लिए भी राज्य सरकार ने नियमों का सरलीकरण किया है। अब तहसीलदार ग्रामीण क्षेत्र में उद्योग स्थापित के लिए 4 हजार वर्ग मीटर भूमि का डीम्ड कन्वर्जन कर सकेगें।
श्री अग्रवाल ने जानकारी दी कि उद्यमियों की समस्याओं के निराकरण के लिए रीको को निर्देशित किया गया है । रीको आगामी 30 नवम्बर तक विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं का निराकरण करेगा। उन्होंने संभाग के विभिन्न जिलों से आए व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों से उद्योग संचालन में आ रही विभिन्न समस्याओं की जानकारी लेकर शीघ्र निराकरण का निर्देश दिया।
बैठक में उपस्थित उद्योग भारतीय के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि आगामी 5 से 8 जनवरी तक जयपुर के सीतापुरा में इण्डिया इन्डस्टि्रयल फेयर का आयोजन किया जाएगा। इसमें देश-विदेश के उद्यमी शिरकत करेंगे। अजमेर संभाग के उद्यमी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं।
अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री कैलाश चन्द्र शर्मा ने जानकारी दी कि इससे पूर्व रूपनगढ़ में मेगा फूड पार्क की स्थापना के लिए नगर नियोजन, जलदाय, सार्वजनिक निर्माण एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों को शीघ्र समस्या समाधान के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला उद्योग अधिकारी श्री सी.बी.नवल सहित विभिन्न जिलों से आए व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं रीको व आरएफसी के अधिकारी उपस्थित थे।

रुपनगढ़ मेगा फूड पार्क से किसानों और युवाआें को मिलेगा रोजगार- डॉ सुबोध अग्रवाल
अजमेर 15 नवम्बर। प्रमुख शासन सचिव एमएसएमई डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कहा है कि रुपनगढ़ मेगा फूड पार्क से अप्रत्यक्ष रुप से जहां पूरे प्रदेशवासी लाभान्वित होंगे वहीं आसपास के 300 किमी दायरें के किसान व करीब 17 हजार युवाओं को रोजगार से सीधा लाभ प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने बताया कि रुपनगढ़ मेगा फूड पार्क प्रदेश का पहला और एकमात्र फूड पार्क है और आधारभूत सुविधाएं तैयार होने से अब इसका शीघ्र ही उद््घाटन करवाया जा सकेगा।
डॉ. अग्रवाल बुधवार को रुपनगढ़ में मेगा फूड पार्क का दौरा कर प्रगति समीक्षा कर रहे थे। उन्हाेंने पार्क में चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया और प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि पार्क द्वारा रिसर्च एवं इक्यूवेशन सेंटर भी तैयार किया जा रहा है जहॉ लोगों को आधुनिक तकनीक एवं कौशल विकास प्रशिक्षण की सुविधा दी जा सकेगी।
मेगा फूड पार्क के मैंनेजिंग डाइरेक्टर श्री वरुन चौधरी ने बताया कि लगभग सारे इनफरास्टक्चर कार्य जैसे कि वेयर हाउस, कोल्ड स्टोरेज, आईक्यूएफ, सोर्टिंग ग्रेडिंग लाइनइत्यादि पुर्ण हो चुके है एवं पार्क उदघाटन के लिए तैयार है।
पार्क के कार्यकारी निदेशक श्री अजय कुमार गुप्ता ने यह भी बताया की विकसित किए गए प्लॉटो में से सात प्लॉट विभिन्न इकाइयों को आवंटित किए जा चुके हैं इस मौके पर एल सी जैन, अतिरिक्त निदेशक, उद्योग, मुकेश मित्तल निदेशक टाउन प्लानर, एम के गुप्ता अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता सार्वजनिक निर्माण विभाग, पार्क के चेयरमैन आई सी अग्रवाल एवं अन्य उपस्थित थे।

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