लेखक अनुभव रचना में शामिल करते हैं, ऐसे में शब्द ताकत बन जाते हैं

साहित्य की महत्ता इस बात से भी तय की जा सकती है कि लेखक अपने संघर्ष, अनुभव और उनसे मिली सीख को रचना में शामिल करते हैं ऐसे में शब्द ताकत बन जाते हैं यह विचार राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष प्रोफेसर बी . एल. चौधरी जी ने मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए शिक्षा बोर्ड के सभागार में आयोजित पुस्तक विमोचन में अनूठी गंगा जमुनी संस्कृति देखने को मिली राजस्थान में गुड़गांव, बीकानेर , उदयपुर जयपुर ही नहीं बल्कि सुदूर दक्षिण कर्नाटक से पधारे पुस्तक प्रेमियों ने लेखिका सरस्वती शंकर की कृति के विमोचन पर उपस्थिति दर्ज कराई मूलतः यह उपन्यास कन्नड़ भाषा में लिखा गया है और इसका अंग्रेजी में अनुवाद शारदा भट्ट जी ने किया है अभिनव प्रकाशन अजमेर से प्रकाशित , बिरूगाली – द सुनामी नामक इस उपन्यास की समीक्षा करते हुए साहित्यकार और रंगकर्मी राजस्थान साहित्य अकादमी सरस्वती सभा के सदस्य उमेश कुमार चौरसिया जी ने कहा कि यह शैक्षिक वातावरण में रचा गया है और शिक्षक तथा विद्यार्थियों के पावन रिश्ते को बताता है आयोजन का संचालन करते हुए गीतकार डॉ पूनम पांडे ने उपन्यास विधा के विविध रूपों पर प्रकाश डाला साहित्यकार डॉ चेतना उपाध्याय , देवदत्त शर्मा, श्वेता गोयल, रामावतार जी, सहायक अभियंता संदीप पाण्डेय, राहुल गौड ने अतिथियों का स्वागत किया लेखिका सरस्वती शंकर तथा अनुवादक शारदा जी ने अपनी लेखन यात्रा के बहुआयामी, बहुरंगी, बहुध्वनि को रसिक श्रोताओं के साथ साझा किया औरराजस्थान की सतरंगी संस्कृति की प्रशंसा की अभिनव प्रकाशन के अतिन गोयल तथा अनिल गोयल जी के साथ सबका आभार व्यक्त किया मानवीय, रचनात्मक और आत्मीयता से भरपूर इस आयोजन का उद्देश्य सामूहिक साहचर्य था |
अतिन गोयल
अभिनव प्रकाशन
मोब 9660111549

error: Content is protected !!