जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में फ्लैगशिप कार्यक्रमों में उपलब्धि बढ़ाने की कवायद
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बीकानेर। सुबह और शाम दोनों ओपीडी समय में चिकित्सक सुनिश्चित रूप से अस्पताल में रहकर मरीजों को देखें, इस समय अस्पताल को नर्सिंग स्टाफ के भरोसे छोड़ देना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उक्त निर्देश देते हुए सीएमएचओ डॉ. बी.एल. मीणा ने सभी चिकित्साधिकारियों द्वारा पीएचसी-सीएचसी पर बायोमेट्रिक मशीन से उपस्थिति व 24 घंटे फोन चालू रखने पर जोर दिया। डॉ. मीणा सोमवार को स्वास्थ्य भवन सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक ले रहे थे। कायाकल्प कार्यक्रम में पीयर मूल्यांकन के ऑनलाइन इन्द्राज में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए डॉ. मीणा ने सम्बंधित चिकित्साधिकारियों को तत्काल मीटिंग छोड़कर उसे ऑनलाइन करने के निर्देश दे डाले। परिवार नियोजन के प्रचलित हो रहे साधन अंतरा इंजेक्शन की ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में इन्द्राज को भी गंभीरता से लिया गया। आरसीएचओ डॉ. रमेश गुप्ता ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की संस्थावार प्रगति समीक्षा की। डीपीएम सुशील कुमार ने आदर्श पीएचसी व आयुष्मान भारत योजना की प्रगति से सदन को अवगत कराया। इसी प्रकार बैठक में पीएमएसएमए, राजश्री योजना, शुभलक्ष्मी योजना की तृतीय किश्त, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, एनसीडी के यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग, पीसीटीएस इन्द्राज, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, मौसमी बीमारियों व तम्बाकू नियंत्रण जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों पर तय एजेंडा अनुसार विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में डीएनओ मनीष गोस्वामी, डीएएम राजेश सिंगोदिया, डीएसी रेणु बिस्सा, यूएचपीसी नेहा शेखावत, एपिडेमियोलोजिस्ट नीलम प्रताप सिंह, सांख्यिकी अधिकारी दिलीप हर्ष, जिला समन्वयक फ्लोरोसिस महेंद्र जायसवाल व आईईसी समन्वयक मालकोश आचार्य सहित समस्त बीसीएमओ, बीपीएम व ग्रामीण चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे।
शत प्रतिशत टीबी मरीजों को मिले निक्षय पोषण योजना का लाभ
डीटीओ डॉ. सी.एस. मोदी ने राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत संचालित निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत शत-प्रतिशत मरीजों को पोषण भत्ते के रूप में प्रति 2 माह 1000 रूपए दिलाने हेतु प्रयास बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 350 मरीजों को उक्त लाभ शुरू किया जा चुका है। उन्होंने समस्त गर्भवतियों व टीबी मरीजों की एचआईवी व डायबिटीज की जांच अनिवार्य रूप से करने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी
बीकानेर