Siemens एवं केयर्न के साथ एमओयू
IGniTE 2.0 कार्यक्रम से युवाओं को मिलेगा उद्योग आधारित आधुनिक कौशल प्रशिक्षण
अजमेर, 25 जुलाई। राजस्थान सरकार के कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग ने राज्य के राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को उद्योगों की वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए Siemens Ltd. एवं वेदांता ऑयल एंड गैस (केयर्न) के साथ एमओयू किया है। इस पहल के तहत चयनित राजकीय आईटीआई में IGniTE 2.0 कार्यक्रम का संचालन शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रारम्भ किया जाएगा।
महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान अजमेर के सहायक निदेशक (प्रशिक्षण) श्री शैलेन्द्र माथुर ने बताया कि जयपुर में आयोजित कार्यक्रम में कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग के आयुक्त श्री ऋषभ मण्डल की उपस्थिति में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर प्राविधिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक श्री मुनीष कुमार शर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान Siemens Ltd. एवं GIZ के सहयोग से संचालित IGniTE 2.0 परियोजना के प्रतिनिधियों श्री विक्रम भोकरे, श्री कमलेश कुमार एवं उनकी टीम ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं की रोजगारपरकता बढ़ाना, उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप उन्नत तकनीकी कौशल प्रदान करना तथा आईटीआई के अनुदेशकों का क्षमता संवर्धन (केपेसिटी डवलपमेंट) करना है। इससे राजकीय आईटीआई को अधिक आधुनिक, सुदृढ़ एवं रोजगारोन्मुख बनाया जा सकेगा।
वेदांता ऑयल एंड गैस (केयर्न) के सीएसआर प्रमुख श्री विशाल अग्रवाल तथा सीनियर मैनेजर (स्टेकहोल्डर) श्री शैलेष शर्मा ने बताया कि वर्ष 2007 से संचालित केयर्न एंटरप्राइज सेंटर, बाड़मेर के अनुभव का लाभ प्रदेश के आईटीआई प्रशिक्षणार्थियों को मिलेगा। इसके तहत युवाओं को उद्योग आधारित कौशल प्रशिक्षण के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स का भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने बताया कि महिलाओं के कौशल विकास को विशेष प्राथमिकता देते हुए ब्यूटी एंड वेलनेस, बैंकिंग, मेसनरी एवं कम्प्यूटर एप्लीकेशन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। ताकि उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें। इसके अलावा बदलती औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डिजिटल मार्केटिंग तथा अन्य उभरती तकनीकों से जुड़े नवीन प्रशिक्षण कार्यक्रम भी प्रारम्भ किए जाएंगे।
प्राविधिक शिक्षा निदेशालय के निदेशक श्री मुनीष कुमार शर्मा ने कहा कि यह एमओयू राज्य में कौशल विकास को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम है। इससे उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष, सक्षम एवं इंडस्ट्री-रेडी वर्कफोर्स तैयार होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल युवाओं को भविष्य उन्मुख कौशल, गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर तथा सतत आजीविका उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।