सही एवं पूर्ण जानकारी से बनेगी प्रभावी योजनाएं, व्यक्तिगत जानकारी रहेगी पूरी तरह गोपनीय
–जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु
अजमेर, 25 जुलाई। भारत सरकार द्वारा देश के सामाजिक एवं आर्थिक पहलुओं से संबंधित जानकारी एकत्र करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण संचालित किया जाता है। इसी क्रम में वर्तमान में राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण के 81वें दौर के अंतर्गत प्रवासन सर्वेक्षण (माइग्रेशन सर्वे) का कार्य राज्य के चयनित ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जुलाई 2026 से जून 2027 तक किया जा रहा है।
जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने बताया कि आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अधीन जिला कार्यालयों में पदस्थापित प्रशिक्षित कार्मिकों द्वारा जिले प्रवासन सर्वेक्षण निर्धारित ग्रामों एवं नगरीय खण्डों में किया जा रहा है। नियुक्त कार्मिकों (प्रगणकों) द्वारा आवंटित क्षेत्र में घर-घर जाकर सूचना संकलन का कार्य कर रहे है। सर्वेक्षण के दौरान सांख्यिकी कार्यालय के कार्मिक जब आपके पास सर्वे के लिए आते है और आपके गांव, शहर, परिवारों, व्यक्तियों एवं व्यवसायों से संबंधित आवश्यक जानकारी लेते है। नागरिकों द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रत्येक जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। इन सूचनाओं का उपयोग केवल सांख्यिकीय विश्लेषण, विकास योजनाओं के निर्माण तथा नीति-निर्धारण के लिए किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति अथवा परिवार की व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी तथा उनकी निजता का पूरा सम्मान सुनिश्चित रहेगा।
जिला प्रशासन ने जिले के सभी सरपंचों, पार्षदों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, वेलफेयर सोसाइटीज, व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों तथा समाज के प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (एनएसए) के महत्व के बारे में व्यापक जनजागरूकता फैलाएं तथा आमजन को सर्वेक्षण में सक्रिय सहयोग के लिए प्रेरित करें।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी आग्रह किया है कि जब सांख्यिकी कार्यालय के अधिकृत कार्मिक सर्वेक्षण के लिए उनके घर या प्रतिष्ठान पर आएं, तब उन्हें सही, पूर्ण एवं तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराएं। नागरिकों के सहयोग से प्राप्त विश्वसनीय आंकड़े देश की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने, जनकल्याणकारी नीतियों के निर्माण तथा सामाजिक एवं आर्थिक विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।