शिक्षकों का सम्मान समाज का कर्तव्य

बीकानेर । शिक्षक का कार्य व्यवहार समाज के लिए आदर्श होता है। अपनी मेहनत और अनुभवों के आधार पर वह शिष्य को सही राह पर ले जाने का कार्य करता है। गुरु का स्थान सर्वोपरि माना जाता है इनका सम्मान करना सभी का कर्तव्य है। ये बात गुरूकुल माध्यमिक विद्यालय प्राचार्य रणवीर सिंह चौधरी ने पंच व्यास भवन में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कही। चौधरी ने कहा कि बच्चों की क्षमता और उन्हें तराशने का कार्य में शिक्षक-शिक्षकाओं का योगदान महत्वपूर्ण होता है। विशिष्ट अतिथि मनमोहन रंगा ने कहा कि प्राचीन काल से ही गुरुओं का स्थान सबसे ऊपर रहा है, लेकिन बदलते समय के साथ गुरुओं का सम्मान कम हुआ है, जिनके वो हकदार हैं। कुछ लोग कहते हैं कि जिसे कोई नौकरी न मिले, वो शिक्षक बन जाता है, लेकिन आज भी हमारे बीच ऐसे कई शिक्षक हैं जिन्होंने न केवल अपनी मेहनत व निष्ठा से बच्चों का भविष्य संवारा बल्कि समाज में यह संदेश भी दिया कि शिक्षक ही एक अच्छे समाज की नींव रखते हैं। इस अवसर पर ललित आचार्य व आनंद तिवाड़ी ने भी विचार रखे। समारोह के दौरान अंजली रंगा,समीक्षा व्यास,गजानंद व्यास,मुकेश हर्ष,आनंद तिवाड़ी को सम्मानित किया गया। समारोह में स्कूल के बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। श्री जैन कन्या महाविद्यालय में छात्राओं द्वारा शिक्षकों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इस दौरान शिक्षकों के लिये विभिन्न प्रतियोगिताएं भी रखी गई। कार्यक्रम में शिक्षकों का सम्मान भी किया गया। प्राचार्य डॉ संध्या सक्सेना ने जीवन में शिक्षकों का सम्मान अपने संस्कारों के सम्मान के बराबर है। कार्यक्रम संचालन निधि,जसमीत,पूर्वा ने किया। छात्र संघ अध्यक्ष मानसी चांडक ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
सेवानिवृत शिक्षा अधिकारी समिति द्वारा वार्षिकोत्सव समारोह व्यास कॉलोनी स्थित शिव मंदिर प्रन्यास परिसर में आयोजित हुआ। समारोह में बसन्त सिंह मान,आशाराम अग्रवाल,प्रेम प्रकाश पा ंडे,राजकुमार मिश्रा,परशुराम तिवाड़ी,गोपाल सिंह,मोहनराम चौधरी,राजेन्द्र कुमार महात्मा,राजेन्द्र कुमार गर्ग,श्रीमति सुशीला अग्रवाल,शशिभूषण सूदन को शिक्षक ऋ षि,श्रीनिवास मित्तल,सत्यनारायण सोलंकी,त्रिलोकी नाथ मित्तल,रामप्रसाद शर्मा,घनश्याम चा ंदवानी,भंवरलाल ओझा,हंसराज गर्ग एवं वेदप्रकाश शर्मा को शिक्षक महर्षि सम्मान दिया किया गया। इसके अलावा अब्दुल जब्बार तंवर को शिक्षक राजऋषि सम्मान से सम्मानित किया गया। इस असवर पर ज्ञान ज्योति स्मारिका एवं निर्देशिका के 10 वें अंक का विमोचन भी कि या गया।

error: Content is protected !!