पालनहार फाउंडेशन और एसजीजीएन की साझा पहल ‘जीवन मित्र अभियान’
भारत बने ‘आत्महत्या मुक्त देश
जयपुर। निराशा, अवसाद और अकेलेपन से परेशान होकर आत्महत्या करने की सोचने वाले लोगों के लिए पालनहार फाउंडेशन और एसजीजीएन के साझा प्रयास में ‘जीवन मित्र बनें’ अभियान का पहला कदम रखा गया। मालवीय नगर स्थित *फिटनेस कोनेक्शन* में आयोजित हुए कार्यक्रम में साइकोलॉजिस्ट और काउंसलर हर्षा माहे ने सुसाइडल टेंडेंसी वाले व्यक्तियों की पहचान और उनको इस खतरनाक स्थिति से निकलने वाले समाधानो पर बात की। पालनहार की कोषाध्यक्ष और सर्टिफाइड काउन्सलर निहारिका शर्मा ने ऐसे लोगों के जीवन मे होने वाले परिवर्तनों और उनके अवचेतन मन की स्थितियों को बताया। काउंसलर नीना गुप्ता ने ह्यूमन बिहेवियर के माध्यम से इस गंभीर होती समस्या के लिए ‘जीवन मित्र’ की महत्ता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में महिलायों और श्रोताओं ने अपने अपने अनुभव भी साझा किए। कार्यक्रम में आरजे कंचन और आरजे समता बतौर स्पेशल गेस्ट आई थीं औऱ जीवन मित्र बनने की शपथ ले कर गयी। मौके पर समाज सेविका शिल्पी शाह और ट्रैफिक रूल्स ट्यूटर के के शर्मा भी मौजूद थे। पालनहार ही सचिव संगीता राजा ने जीवन मित्र अभियान को क्यों शुरू किया, इस पर बात रखी। एसजीजीएन के विंकल अरोड़ा ने कार्यक्रम का संचालन किया।