तीसरी बार चलेगा “स्वास्थ्य दल आपके द्वार” महाअभियान

17 से 19 दिसम्बर घर-घर होगा मच्छरों व मौसमी बीमारियों का सफाया
बीकानेर। मच्छर जनित बीमारियों डेंगू-मलेरिया-चिकनगुनिया व स्क्रब टाईफस से बचाव तथा स्वाइन फ्लू जैसी अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए सबसे बड़े जनजागरूकता अभियान के रूप में एक बार फिर से “स्वास्थ्य दल आपके द्वार” अभियान चलाया जाएगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की इस पहल को अंजाम देंगे सरकारी व निजी कॉलेजों के नर्सिंग विद्यार्थी, आशा सहयोगिनियां व चिकित्सा विभाग के कार्मिक। अभियान में अन्तर्विभागीय समन्वय व सहयोग की बड़ी भूमिका रहेगी। सीएमएचओ डॉ. बी.एल. मीणा ने जानकारी दी कि दिनांक 17 दिसंबर से 19 दिसंबर 2018 तक तीन दिवसीय अभियान के दौरान ये एंटीलार्वा स्क्वॉड के सिपाही बनकर मच्छरों से अधिक प्रभावित शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर एंटी लार्वा तथा एंटी एडल्ट गतिविधियों का प्रदर्शन कर जन-जागरण करेंगे। आईएलआई यानिकी सर्दी-जुकाम के मरीजों को चिन्हित कर उन्हें श्रेणीवार उपचार शुरू किया जाएगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव वीनू गुप्ता द्वारा जारी निर्देशानुसार पूरे राज्य में एक साथ अभियान चलाकर आम जन को इस लड़ाई से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। सीएमएचओ अभियान के नोडल व डिप्टी सीएमएचओ हेल्थ सह नोडल अधिकारी होंगे जबकि खण्ड स्तर पर ब्लॉक सीएमओ नोडल होंगे। गौरतलब है कि पूर्व में 2 बार इस प्रकार का अभियान चलाया गया जिसके काफी सकारात्मक परिणाम मिले थे। अब राज्य के 21 हाई रिस्क जिलों के शहरी क्षेत्रों में इसे फिर से चलाया जाएगा जिसमे बीकानेर के साथ श्रीगंगानगर, कोटा, बूंदी, झालावाड़, बारां, जयपुर, सीकर, झुंझुनू, दौसा, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, सवाईमाधोपुर, करौली, जोधपुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमन्द, टोंक व अजमेर शामिल हैं । इसी वर्ष अक्टूबर में चलाए गए अभियान में बीकानेर जिले में कुल 33,525 घरों का सर्वे किया गया था।
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. इंदिरा प्रभाकर ने बताया कि अभियान के तहत नर्सिंग विद्यार्थियों को लार्वा की पहचान, एंटीलार्वल गतिविधि व एंटी एडल्ट गतिविधि का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। शहरी स्तर पर नर्सिंग विद्यार्थियों के साथ स्वास्थ्यकर्मियों व आशा सहयोगिनियों के दल बनाए जाएंगे जो वार्ड वार जिम्मेदारी लेते हुए घर-घर भ्रमण करेंगे, घरों में व आस-पास मच्छर पैदा होने के मुख्य स्थानों से रू-ब-रू करवाएंगे और नियमित एंटी लार्वल गतिविधियाँ करने के लिए प्रेरित करेंगे। अभियान के लिए जिला प्रशासन के नेतृत्व में नगर निगम, शिक्षा विभाग, पंचायती राज सहित विभिन्न विभागों व स्वयं सेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा।

सभी अस्पतालों व शिक्षण संस्थानों में होगा सोर्स रिडक्शन
एपिडेमियोलोजिस्ट नीलम प्रताप सिंह ने बताया कि घरों में जाने से पहले कार्य स्थलों को टारगेट किया जाएगा। समस्त राजकीय व निजी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेज, विद्यालयों, सरकारी कार्यालयों व अन्य कार्य स्थलों पर एंटी लार्वल एक्टिविटी द्वारा सोर्स रिडक्शन की कार्यवाही स्वयं परिसर प्रभारियों द्वारा करवाई जाएगी।

तम्बाकू के दुष्प्रभाव भी बताएंगे
एनटीसीपी यूनिट प्रभारी महेंद्र जयसवाल ने जानकारी दी कि अभियान में बैठकों व घर-घर भ्रमण के दौरान तम्बाकू से होने वाले दुष्प्रभावों के लिए भी जन-जागरण किया जाएगा। तम्बाकू छोड़ने के लिए इच्छुक व्यक्तियों को हेल्पलाइन टोल फ्री न. 104, एम-सेसेशन कार्यक्रम के टोल फ्री न. 011-22901701 व राष्ट्रीय क्विटलाइन 1800-11-2356 से जोड़ा जाएगा।

मौसमी बीमारियों की वस्तुस्थिति
डॉ. इंदिरा प्रभाकर ने बताया कि बीकानेर जिले में चालू वर्ष में अब तक मलेरिया के 61, डेंगू के 341 तथा स्वाइन फ्लू का 1 मामला सामने आया है जबकि स्क्रब टायफस, चिकनगुनिया व जीका का एक भी केस दर्ज नहीं हुआ है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी
बीकानेर

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