केबल टी.वी को लेकर TRAI की नई नीतियों पर यदि भारत सरकार ने रोक नहीं लगाई तो पूरे भारत वर्ष में करोड़ो टी.वी उपभोक्ता पर भारी आर्थिक कुठराघात के साथ-साथ देशभर में केबल व्यवसाय से जुडे़ लगभग 10 लाख परिवारों के बेरोजगार होने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जायेगा।
सरकार और TRAI के इस फैसले से उपभोक्ता और केबल आपरेटर दोनों को ही काफी परेेशानी का सामना करना पडे़गा, आम उपभोक्ताओं की जहाँ जेब ढीली होगीं वहीं केबल आपरेटर्स का व्यवासय भी प्रभावित होना तय है।
TRAI और सरकार द्वारा यह भ्रामकयह प्रचार-प्रसार किया जा रहा है कि उपभोक्ता को चैनल चुनने की आजादी होगी लेकिन उस आजादी का खामियाजा उन्हें अधिक मूल्य चुकाकर भुगतना पडे़गा, TRAI के नये नियम अनुसार 130 रू. प्लस जी.एस.टी अर्थात कुल 154 .रू प्रतिमाह में उपभोक्ताओं को मात्र फ्री टू एयर 100 चैनल्स देखने को बाध्य होना पडेंगा, जबकि इस चैनल्स को बहुत ही कम लोग देखते है। घरो में मुख्य रूप से zee,star,sony,colour प्राइवेट चैनल्स अधिक देखें जाते है अब नये प्रावधनों के अनुसार 154 रु चुकाने के बाद ही उपभोक्ता पे चैनल्स के पैकेज या अपने पंसदीदा चैनल चुनने मे सक्षम हो सकेंगे।
नये प्रावधनों के अनुसार पे चैनलों में सबसे अधिक देखे जाने वाले जी,स्टार,सोनी, कलर्स आदि चैनलों के प्रति चैनल 19 रू. निर्धारित किये जा रहे है। जाहिर है किसी घर में यदि 20 पंसीदीदा चैनल कोई उपभोक्त देखना चाहता है तो उसे 154 रू. के अतिरिक्त 20 चैनल के 380 रू. प्लस 18ः ळैज् अलग से देना होगा अर्थात 20 पंसदीदा चैनल के उपभोक्ता को अब 600 रू. प्रतिमाह चुकाने होगे जबकि अभी उभोक्ता लगभग 400 चैनल्स मात्र 250 रू. से 300 रू. प्रतिमाह में देख रहा है।
अभी जो चैनल्स उपभोक्ता देख रहा है उन्हें वो जनवरी 2019 से भी देखना चाहेगा तो अब उपभोक्ता को कम से कम 1500 रू. प्रतिमाह खर्च करने होंगे जो कि किसी भी मध्यम वर्गीय परिवार के लिये असम्भव हैं ज्त्।प् के नये प्रावधानो का फायदा केवल उद्योगपति अंबानी को ही होगा जो कि केबल व्यवसाय में अपना एकाधिकार स्थापति करना चाहता है और उपभोक्ता मे केवल उच्च आय वर्गीय विलासितापूर्ण जीवन जीने वाले इस आर्थिक भार को वहन कर अपना मनोरंजन कर सकते है।
TRAI की इस जन विरोधी नीति के विरोध में समस्त भारत वर्ष के 1 लाख केबल आपरेटर्स द्वारा दि. 26.12.18 को नई दिल्ली के जतंर मतंर पर एक दिवसीय संाकेतिक धरना देकर भारत सरकार का ध्यान ज्त्।प् की इस दमनात्मक नीति की ओर आकर्षित कर करोड़ो आम उपभोक्ताओं व लाखों केबल आपरेटर्स व उनसे जुडें कार्मिकों पर होने वाले कुठारघात से अवगत करवाकर आग्रह किया जायेगा कि ज्त्।प् के इस आदेश पर तुरन्त रोक लगाकर आमजन को राहत प्रदान करें।
इस अखिल भारतीय धरने में अजमेर जिले से भी लगभग 200 आपरेटर्स दिल्ली के लिये रवाना हुए।
(सोहनलाल शर्मा)
अध्यक्ष
(अजय कपूर)
सचिव