अजमेर के चौरसिया वास रोड़ ईदगाह के पास मदीना मस्जिद वाली गली में जश्ने ख्वाजा गरीब नवाज मनाया गया।इस नूरानी महफिल में मौलाना बशीरूल कादरी ने गरीब नवाज की ज़िंदगी पर रोशनी डालते हुए उनकी तालीमात पर अमल करने की गुजारिश की।साथ ही मौलाना जाकिर शमसी ने ख्वाजा साहब के बारे में बयान दिया, इसके बाद मौलाना सरवर आलम, मौलाना मुकर्रम , मौलाना अंसारुल हक , मौलाना शमशेर ने गरीब नवाज़ की शान में बयान ओर मनकबत पडी हाफिज़ अब्दुल रहमान मोईनी ने नात शरीफ का नज़राना पेश किया।
” आ गए खेरात लेने मंगते तुमारे ख्वाज़ा
भर दीजिये दामन मुरादो से हमारे ख्वाज़ा ”
” सुन्नी का ये हैं अकिदा आका हमारे जिन्दा है ” इसके बाद एतेशाम आलम ने नात शरीफ
” तेरा नाम ख्वाज़ा मोइनुद्दीन तू रसूले पाक की आल हैं ”
पड़ी जिसे सुनकर हाज़रिने महफ़िल झूम उठे।
प्रोग्राम के आखिर में नूरानी मियाँ ने सलातो सलाम पड़ा ओर मौलाना बशीरूल कादरी साहब ने देश में अमन चैन की दुआ की।इस प्रोग्राम में लंगरे आम का भी एहतेमाम किया गया।
ईस नूरानी महफिल मे पूरे अजमेर से लोगो ने शिकरत की ईस प्रोग्राम के संयोजक मौहम्मद नजीर कादरी , ओर मौहम्मद अफसर अहमद रजा थे।
प्रोग्राम में सभी लाने ले जाने की व्यवस्था रुस्तम अली घोसी ,आरिफ़ कुरेशी ने की नियाज बेठाकर खिलाने की हाशम अली पंवार राजू भाई , क्ल्लू कुरेशी साबिर भाई , ईरफान भाई द्वारा कीया गया