*अब मान भी जाओ*

नटवर विद्यार्थी
चुप रहना
ठीक नहीं है प्रिय
कुछ कहो ना ।

तुम बोलोगे
ख़ुशी मिल जाएगी
बताओ दोगे ?

मैं हूँ तुम्हारी
तुम भी तो मेरे हो
जोड़ी हमारी ।

हठ को तोड़ो
अनमोल जीवन
नेह से जोड़ो ।

ख़ुशी के पल
अब भी मान जाओ
रहे निकल ।
– *नटवर पारीक*, डीडवाना

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