हमारे वॉरियर्स

हॉकर*

नटवर विद्यार्थी
हॉकर सारे देश में , घूम रहे हर द्वार ।
घर-घर में पहुँचा रहे , प्रतिदिन ये अख़बार ।।
प्रतिदिन ये अख़बार ,जान जोख़िम में डाले ।
कोरोना संग्राम , लड़ रहे ये मतवाले ।।
कह नटवर कविराय ,उठ गए जल्दी सोकर ।
बाँट रहे अख़बार , घरों में देखो हॉकर ।।

सफाईकर्मी*
गली-मुहल्ले साफ़ कर , देते ये पैग़ाम ।
झाड़ू दिनभर हाथ में , नहीं कोई विश्राम ।
नहीं कोई विश्राम , सफ़ाई बहुत जरूरी ।
स्वच्छ देश अभियान , करेगा आशा पूरी ।।
कह नटवर कविराय , सफ़ाई सबसे पहले ।
आज जरूरत यही , साफ़ हो गली-मुहल्ले ।।

सुरक्षाकर्मी*
रातें भी जगकर कटे , दिन में भी तैनात ।
नतमस्तक होकर करें , उनकी भी कुछ बात ।।
उनकी भी कुछ बात , हमारे सच्चे प्रहरी ।
इनके बल पर आज , घर में ग्रामीण-शहरी ।।
कह नटवर कविराय , भले डंडा दिखलाते ।
इन्हीं से ही अरे ,सुरक्षित दिन औ ‘ रातें ।।

चिकित्साकर्मी*
मारोगे पत्थर अगर , हो कैसे उपचार ।
नादानी में कर रहे , ईश्वर पर प्रहार ।।
ईश्वर पर प्रहार , यही अल्लाह हमारे ।
करते वो उपचार , अरे हम प्रस्तर मारे ।।
कह नटवर कविराय ,यदि असहयोग करोगे।
कैसे हो उपचार , अगर पत्थर मारोगे ।।

पत्रकार*
पत्रकार है वॉरियर , लड़े लड़ाई रोज़ ।
घूम- घूमकर कर रहे , इस दानव की खोज ।।
इस दानव की खोज , देशभर की सब बाते ।
खोज-खोजकर हमें , यही आकर बतलाते ।।
कह नटवर कविराय, घूमते द्वार-द्वार है ।
निडर और निर्भीक , हमारे पत्रकार है ।।

– *नटवर पारीक*, डीडवाना

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