
अग्रवाल ने श्री गहलोत को लिखे पत्र में अवगत कराया है कि कई महिलायें लोकडाउन से पूर्व गणगौर त्यौहार व अन्य पारिवारिक कारणों से अपने पीहर गयी थी अब वो वापस अपने ससुराल आना चाहती है, या कई लोग व्यापार करने अथवा नौकरी करने या अन्य सामाजिक व पारिवारिक कार्य हेतु दूसरे जिलों में गए हुए थे और अचानक लोकडाउन लग जाने के कारण वो अपने घरों पर नही पहुंच पा रहे हैं तथा एक माह से भी अधिक समय बीत जाने के कारण राज्य के ऐसे नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अग्रवाल ने मुख्यमंत्री श्री गहलोत से मांग की है कि जिस तरह कोटा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों व प्रवासी श्रमिकों को अपने अपने जिलों में भिजवाया गया तथा अन्य राज्यों में अटके हुए लोगों को लाने के लिए कार्यवाही प्रारम्भ की गयी है इसी प्रकार राजस्थान में ही एक दूसरे जिलों में अटके हुए लोगों को अपने अपने गृहजिले में लाने के लिए भी शीघ्रताशीघ्र कार्ययोजना बनाकर ऐसे पीड़ित लोगों को राहत पहुंचायें।