विजय पाल चौधरीराष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट विजयपाल चौधरी से हुई बातचीत के दौरान मजदूर दिवस के उपलक्ष में अपना वक्तव्य जारी करते हुए बताया कि दुनिया के मजदूरों एक हो जाओ। अपने खून पसीने से राष्ट्रीय समाज का निर्माण करने वाले मेहनतकश मजदूरों को 1 मई को मजदूर दिवस पर सादर प्रणाम व बहुत बहुत बधाइयां। केंद्र की सरकार से निवेदन है कि प्रवासी मजदूरों को सम्मान के साथ ट्रेन या बसों से उनके घर पर पहुंचाने की उचित व्यवस्था करावे ।ताकि मजदूर बंधुओं को अपने काम व सेवा पर गौरव हो सके। साथ ही प्रवासी बंधुओं को व्यक्तिगत वाहनो के पास की भी अनुमति दिलाने का कष्ट करें। ताकि अपने घरों तक पहुंच सके अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस लाखों मजदूरों के परिश्रम और निष्ठा का दिवस है ।लेकिन आज भी देश में मजदूरों के साथ अन्याय अत्याचार व उनका शोषण होता है आज भारत देश में बेशक मजदूरों के 8 घंटे काम करने का संबंधित कानून लागू हो ।लेकिन इसकी पालना सिर्फ सरकारी कार्यालय में ही होती हैं ।बल्कि देश में अधिकतर प्राइवेट कंपनी या फैक्ट्री अभी अपना याह काम करने वालों से 12 घंटे तक काम करवाते हैं ।जो कि एक प्रकार से मजदूरों का शोषण है। अब जरूरत है कि सरकार को इस दिशा में एक प्रभावी कानून बनाना चाहिए। और उसका सख्ती से पालना करनी चाहिए ।आज भी मजदूरों से फैक्ट्री या प्राइवेट कंपनी द्वारा पूरा काम लिया जाता है लेकिन उन्हें मजदूरी के नाम पर बहुत कम मजदूरी दी जाती है। जिससे अपने परिवार का खर्चा चलाना मुश्किल हो जाता है जिसके कारण मजदूरों के बच्चों को शिक्षा से भी वंचित रहना पड़ता है सरकार को प्राइवेट कंपनी रोजगार देने वाले के लिए कानून बनाना चाहिए जिससे न्यूनतम मजदूरी तय की जानी चाहिए हमारे देश में आज भी मजदूरों में लैंगिक भेदभाव आम बात है ।फैक्ट्री में आज भी महिलाओं को पुरुष के बराबर वेतन नहीं दिया जाता है। बेशक महिला या पुरुष एक समान काम कर रहे हैं। बहुत सारी फैक्ट्रीयो में महिलाओं के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था नहीं है। पुर देश को मजदूर दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय वह समाज को राष्ट्रीय समाज की प्रगति समृद्धि खुशहाली में दिए गए श्रमिकों के योगदान को नमन करना चाहिए ।देश के उत्पादन में वर्दी और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ हासिल किए गए हैं हमारे मजदूरो के अथक प्रयासों का नतीजा है इसलिए राष्ट्र की प्रगति में अपनों की महत्वपूर्ण भूमिका को सभी देशवासियों को उनकी साराहना करनी चाहिए।इसके साथ ही मजदूर दिवस के अवसर पर देश के विकास और निर्माण में भूमिका निभाने वाले कठिन परिश्रम और निष्ठा का सम्मान करना चाहिए ।और मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए संपूर्ण राष्ट्रीय वह समाज को सदैव तत्पर रहना चाहिए। मैं मजदूर हूं मजबूर नहीं। यह कहने से मुझे शर्म नहीं। अपने पसीने की खाता हूं।मे मिट्टी को सोना बनाता हूं