
पूर्व मंत्री देवनानी ने राज्य सरकार पर आरोप लगाया है कि पूर्ववर्ती सरकार की जनकल्याणकारी योजना अन्नपूर्णा रसोई का सिर्फ नाम बदलने के लिए ही इसे बन्द कर दिया गया जिसके कारण प्रदेश के 200 शहरों में जरूरतमंद लोगों को मिलने वाले सस्ते भोजन की सुविधा बन्द हो गई थी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस आलाकमान को खुश करने के लिए इस योजना का नाम बदलकर इंदिरा रसोई किया है जबकि इसे प्रदेशवासियों के लिए कांग्रेस सरकार की नई सौगात बताते हुए 20 अगस्त को प्रारम्भ किया जा रहा है। देवनानी ने कहा कि हकीकत तो यह है कि मूल योजना पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की ही देन है।
उन्होंने कहा कि समस्त प्राणियों को अन्न उपलब्ध कराकर उनका पेट भरने वाली माता अन्नपूर्णा देवी के नाम पर प्रदेश में संचालित योजना का नाम बदलना मुख्यमंत्री गहलोत की छोटी मानसिकता को ही दर्शाता है। वे यदि गांधी परिवार को खुश करने के लिए इंदिरा गांधी जी के नाम पर कोई योजना प्रारम्भ करना भी चाहते थे तो अन्नपूर्णा रसोई योजना को यथावत चालू रखते हुए उनके नाम पर अन्य कोई योजना प्रदेश में प्रारम्भ कर सकते थे। देवनानी ने कहा कि ऐसी सोच के कारण ही कांग्रेस सरकार ने शिक्षा विभाग की भी कई योजनाओं के नाम बदल दिये है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के नाम बदलने से जनता का कोई भला नहीं होने वाला है जरूरत तो काम और विकास कराने की है।