विदेशी आक्रांताओं से भारत की रक्षा करते बलिदान हुए महाराजा दाहरसेन – देवनानी

प्रो. वासुदेव देवनानी
अजमेर, 25 अगस्त। विधायक अजमेर उत्तर वासुदेव देवनानी ने 25 अगस्त को सिन्धुपति महाराजा दाहरसेन की 1351वीं जयन्ति पर अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि भारत की रक्षा के लिए विदेशी आक्रांताओं से सतत संघर्ष करते हुए उन्होंने अपना बलिदान दिया। एक राष्ट्र पुरूष के नाते उनका योगदान अविस्मरणीय है।
देवनानी ने कहा कि भारत को लूटने और कब्जा करने के लिए पश्चिम के रेगिस्तानों से आने वाले मजहबी हमलावरों का वार सबसे पहले सिन्ध की वीरभूमि को ही झेलना पड़ता था। इसी सिन्ध के राजा थे दाहरसेन जिन्होंने सिन्धु सभ्यता व संस्कृति के साथ ही राष्ट्र की रक्षा के लिए युद्धभूमि में लड़ते हुए प्राणाहुति दी। उनके बाद उनकी पत्नी, बहन व दोनों पुत्रियों ने भी राष्ट्र के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिये। उन्होंने कहा कि महाराजा दाहरसेन व उनके सम्पूर्ण परिवार ने राष्ट्र की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहूति दी तथा विदेशी आक्रमणकारियों को आगे नहीं बढ़ने दिया।

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