केकड़ी 4 दिसंबर (पवन राठी)जिले के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और मसूदा विधायक राकेश पारीक के पिता रामेश्वर लाल पारीक का 93 वर्ष की आयु में स निधन हो गया।
स्व पारीक में क्षेत्र की जनता गांधी की झलक देखती थी और लोग उन्हें गांधी के नाम से पुकारते भी थे।
उनके निधन पर मुख्यमंत्री सचिन पायलेट सहित अनेक जनप्रतिनिधियों सहित नेताओ ने अपनी संवेदना व्यक्त की है।मुख्यमंत्री ने राकेश पारीक को फ़ोन पर ढांढस बंधवाया।
रामेश्वर पारीक को भले ही स्वत्नत्रता सेनानी का सर्टिफिकेट नही मिला हो लेकिन उन्होंने ज्वाला प्रसाद शर्मा-माणिक्यलाल वर्मा-कप्तान दुर्गा प्रसाद चौधरी रुद्र दत्त मिश्रा आदि के साथ आजादी की लड़ाई लड़ी।सरवाड़ के सरपंच रहे।जीवन पर्यंत ग्रामीणों के लिए लगातार संघर्षरत रहे जीवन मे अनेकबार ग्रामीणों की समस्याओं के लिए जिला स्तर पर प्रदर्शन भी किये।जीवन पर्यंत अपने लिए कुछ भी संचय नही किया और अपने पुत्र को भी स्वच्छ राजनीति की उन्होंने सीख दी।उनमें अभिमान जैसी कोई बात नही देखी गई।पुत्र राकेश पारीक द्वारा उनको जयपुर में अपने साथ विधायक आवास में रहने को कहा तो उन्होंने मना कर दिया।पारीक ने जीवन भर शुद्ध शाकाहारी एवम संयमित जीवन जिया ।उसका मुख्य कारण उनका ग्रामीण पृष्ठ भूमि से होना रहा।
राज्य में जब कांग्रेस में उठापटक चली तब उनसे पूंछा गया था कि आपका पुत्र तो गहलोत विरोधी खेमे में है तो उन्होंने सहज भाव से कहा कुछ भी हो वह कांग्रेस से कभी गद्दारी नही करेगा उसकी रगों में कांग्रेस का खून दौड़ रहा है।
स्व पारीक को भाव पूर्ण श्रद्धांजलि।