
नाम है इसका हिंदुस्तान
पूरब पश्चिम उतर दक्षिण
फैला जिसमें ज्ञान विज्ञानं
हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई
एक ही दिल है, एक ईमान
गीता बाइबल, वेद पुरान
सब में बसता इक भगवान
ब्रह्मपुत्र, गँगा, कावेरी
बहतीं पावन नदी महान
मथुरा, काशी, तीरथ नामे
ख्वाजा की दरगाह सुजान
“अँग्रेजों से आजादी” हो
सब ने मन में ये ली ठान
स्वतँत्रता, स्वराज्य वतन का
दिल दिल का बस ये अरमान
वीर भगतसिंह और नेताजी
हेमूँ, गाँधी हुए कुरबान
जिस आज़ादी की चौखट पर
गाँधीजी ने त्यागी जान
उस आजादी को सर आँखों पर
रख कर ‘देवी’ करो सन्मान॥
देवी नागरानी