
विधायक अजमेर उत्तर एवं पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि जहां सम्र्पूण विश्व योग के महत्व को स्वीकार रहा है वहीं राजस्थान सरकार इसके महत्व को नकार रही है। देवनानी ने सरकारी विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान योग का अभ्यास कराने व उसके लिए योग शिक्षक नियुक्त करने को लेकर विधान सभा में एक सवाल पूछा था।
देवनानी ने कहा कि सरकार ने उनके प्रश्न के जवाब में बताया है कि किसी सरकारी विद्यालय में प्रार्थना सभा के दौरान योग का अभ्यास नहीं कराया जाता। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में जब वे शिक्षा मंत्री थे तब 21 जून को समस्त विद्यालय में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन के साथ ही प्रार्थना सभाओं में योग का अभ्यास कराया जाना प्रारम्भ किया गया था। योग के अभ्यास से विद्यार्थी का शारीरिक व मानसिक विकास होता है तथा शरीर में ऊर्जा का संचार होता है परन्तु प्रदेश में सरकार बदलने के साथ ही इस पर अघोषित रोक लगा दी गई है।
उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर विश्व के सभी देशों ने योग के महत्व को स्वीकारा है। राजस्थान की कांग्रेस सरकार अपनी राजनीतिक सोच के कारण नई पीढी के स्वास्थ्य के साथ भी न्याय नहीं कर रही है।