अस्पतालों में व्यवस्थाएं सुधारें: देवनानी

प्रो. वासुदेव देवनानी
अजमेर, 23 अप्रैल। पूर्व शिक्षा मंत्री व विधायक अजमेर उत्तर वासुदेव देवनानी ने कहा है कि चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा को केंद्र सरकार की आलोचना छोड़कर और राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश में चिकित्सा व्यवस्थाओं में सुधार करने और कोरोना से निपटने के लिए सरकारी अस्पतालों में आॅक्सीजन, वैंटीलेटर और जीवनरक्षक अन्य दवाइयां उपलब्ध कराने की ओर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि पूरे देश के साथ हमारा प्रदेश भी कोरोना महामारी से बुरी तरह ग्रस्त है। रोजाना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकारी अस्पतालों में आॅक्सीजन, वैंटीलेटर और जीवनरक्षक दवाइयों की भारी कमी बनी हुई है। यही कारण है कि कोरोना से मरने वालों की संख्या भी दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। देवनानी ने कहा कि इस संकट के समय में भी चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा केंद्र सरकार को बेवजह कोसने और राजनीति करने से बाज नहीं आ रहे हैं, जबकि उन्हें इस तरह की राजनीति छोड़कर व्यवस्थाओं में सुधार करने पर ध्यान देना चाहिए।
नेहरू अस्पताल के भी हाल खराब
उन्होंने कहा कि चिकित्सा मंत्री के गृह जिले अजमेर में ही स्थिति बेहद खराब है। अजमेर जिले में रोजाना कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाओं के नाम पर जितने साधन उपलब्ध कराए गए हैं, वह काफी कम साबित हो रहे हैं। उन्होंने जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा है कि शासन और प्रशासन को इसमें जल्द से जल्द सुधार करना चाहिए, तो मरीजों को राहत मिल सके। यह बड़ी विकट स्थिति है कि मरीजों को भर्ती होने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।

प्राइवेट अस्पतालों को करें पाबंद
देवनानी ने कहा कि एक तरफ नेहरू अस्पताल में सुविधाओं और व्यवस्थाओं की कमी है, तो दूसरी तरफ प्राइवेट अस्पताल कोरोना संक्रमितों को भर्ती करने से इंकार कर देते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि वह सभी प्राइवेट अस्पतालों को अपने यहां उपलब्ध बैडों की संख्या उजागर करने के लिए पाबंद करें। इसमें यह भी रोजाना दर्शाया जाए कि कुल कितने बैड हैं, जिनमें से कितने बैडों पर मरीज भर्ती हैं और कितने बैड खाली हैं। ऐसा करने से प्राइवेट अस्पतालों की मनमानी पर अंकुश लग सकेगा।

आॅक्सीजन की भारी कमी
उन्होंने कहा कि नेहरू अस्पताल में कोरोना मरीजों को पर्याप्त मात्रा में आॅक्सीजन नहीं मिल रही है। बताया जाता है कि जितने आॅक्सीजन सिलेंडरों की जरूरत है, उससे बहुत कम सिलेंडर मिल रहे हैं। यही कारण है कि मरीजों को पर्याप्त मात्रा में आॅक्सीजन नहीं मिल पाती है। सिलेंडरों की संख्या कम होने के कारण स्टाफ भी लाचार नजर दिखाई देता है।

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