टूलकिट से कांग्रेस की देशद्रोही नीति उजागर-देवनानी

प्रो. वासुदेव देवनानी
अजमेर, 20 मई। पूर्व शिक्षा मंत्री व विधायक अजमेर उŸार वासुदेव देवनानी ने कांग्रेस के टूलकिट को घटिया और ओच्छी मानसिकता बताते हुए कहा है कि इससे उसकी भारत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश की संस्कृति को बदनाम करने की नीति उजागर हो गई है। इस टूलकिट से कांग्रेस का देशद्रोही चेहरा पूरी तरह बेनकाब हो गया है। ऐसी पार्टी को देश में राजनीति करने का कोई हक नहीं है। कांग्रेस को इसके लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
देवनानी ने गुरूवार को जारी बयान में कहा कि टूलकिट में कोरोना के नए वायरस को चीनी नहीं, इंडियन वायरस या मोदी वायरस के नाम से प्रचारित करने, अंतिम संस्कारों व मृत्यु को जमकर प्रचारित करने या जलती चिताओं के फोटो सहित पोस्ट डालने, सेंट्रल विस्टा को मोदी का निजी घर बताकर प्रचार करने, वल्र्ड मीडिया में भारत विरोधी खबरें शेयर करने, केंद्रीय मंत्रियों पर सोशल मीडिया में दुष्प्रचार चलाने, पीएम केयर का दुष्प्रचार करने और उससे मिले वेंटीलेटर्स को खराब बताकर पोस्ट डालने, गुजरात को प्राथमिकता देने की झूठी बातों से राज्यों को लड़ाने जैसी घटिया बातें कही गई हैं। इस टूलकिट से कांग्रेस का भारतविरोधी चेहरा सामने आया है।
उन्होंने कहा कि टूलकिट के माध्यम से कुंभ मेला और सनातन हिन्दू धर्म को बदनाम करना एक बहुत बड़ी सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक साजिश, पाप और अपराध है। कांग्रेस और गांधी परिवार ने मोदी, भारत और करोड़ों हिन्दुओं को निशाना बनााने और देश में महामारी के बीच अफरा-तफरी फैलाने के लिए एक बड़ा षड्यंत्र रचा है। कांग्रेस ने यह टूलकिट प्रसारित अव्यवस्था और देश की जनता के बीच भ्रम फैलाने के लिए सुनियोजित साजिश प्लानिंग की है। देश विरोधी और हिन्दू विरोधी टूलकिट से कांग्रेस का पर्दाफाश हो गया है।
देवनानी ने कहा कि इस विपदा में भी अपनी फितरत से बाज नहीं आने वाले कांग्रेसियों को शर्म आनी चाहिए। कांग्रेसी अपनी करतूतों से केवल राजनीति में गंदगी ही नहीं फैला रहे हैं, बल्कि देश को कमजोर कर रहे हैं। कांग्रेसियों को इस संकट के समय राजनीति से ऊपर उठकर पीड़ितों की सेवा कर मानवता का परिचय देना चाहिए। लेकिन वह इस समय भी अपनी राजनीतिक पूर्ति के लिए देश के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
देवनानी ने कहा, उन्हें अभी तक यह बात समझ में नहीं आ रही है कि कांग्रेस तरह के घटिया टूलकिट के माध्यम से देश का दुष्प्रचार कर आखिर क्या हासिल करना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का टूलकिट देश के करोड़ों हिन्दुओं का अपमान है। यदि कांग्रेस में जरा-सी भी नैतिकता बची है, तो वह इस टूलकिट को वापस लेकर देश से माफी मांगे, वरना देश की जनता कांग्रेस और उसके नेताओं को कभी भी माफ नहीं करेगी।

खाद पर सब्सिडी बढ़ोतरी का निर्णय ऐतिहासिक-देवनानी
-इससे किसानों को विपदा की इस घड़ी में बहुत बड़ा सहारा मिलेगा
-किसानों को पुरानी दरों पर ही खाद दिलाना मोदी के उदार हृदय का प्रमाण

अजमेर, 20 मई। पूर्व शिक्षा मंत्री व विधायक अजमेर उŸार वासुदेव देवनानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों को डीएपी खाद पर सब्सिडी में 140 प्रतिशत की बढ़ोतरी किए जाने को किसान हितैषी और ऐतिहासिक निर्णय बताते हुए कहा कि इससे किसानों को विपदा की इस घड़ी में बहुत बड़ा सहारा व सम्बल मिलेगा।
देवनानी ने गुरूवार को जारी बयान में कहा कि डीएपी पर किसानों को प्रति बोरी अब 500 रूपए की जगह 12 सौ रूपए की सब्सिडी मिलेगी यानी किसानों को प्रति बोरी 24 सौ रूपए की जगह 12 सौ रूपए ही देने होंगे। मोदी के इस फैसले से केंद्र सरकार पर 14 हजार 775 करोड़ रूपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा, इसके बावजूद मोदी ने किसानों को राहत देने के लिए यह ऐतिहासिक निर्णय किया है। प्रधानमंत्री मोदी का यह कहना भी उनके उदार हृदय का प्रमाण है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों में बढ़ोतरी होने के बावजूद किसानों को खाद पुरानी दरों पर ही मिलनी चाहिए।
देवनानी ने कहा कि किसानों का कल्याण और उनके हितों की रक्षा करना मोदी सरकार की प्राथमिकता है, जिसे सरकार पूरी ईमानदारी से पूरा कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को अनेक बार प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ता है और उनकी फसलें खराब हो जाती हैं। ऐसे में किसान आर्थिक बोझ से दब जाते हैं। लेकिन अब उन्हें खाद की सब्सिडी में 140 प्रतिशत बढ़ोतरी होने से बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें खाद खरीद कर फिर फसल बोने में आर्थिक कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि देश के 11 करोड़ किसानों को 20 लाख करोड़ रूपए किसान सम्मान निधि के तौर पर दिए जा रहे हैं। इसके तहत किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रूपए दिए जा रहे हैं, जिसमें दो-दो हजार रूपए की किश्त उनके खातों में सीधे भेजे जाते हैं। इससे पहले भी किसानों को बिचैलियों से मुक्त कराने के लिए अनेक कदम उठाए गए, जिससे किसानों को अपनी फसल सीधे मंडी और बाजार में बेचने की राह खुली। बिचैलियों से मुक्त होने के कारण किसानों को अपनी उपज का वाजिब दाम मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होने लगा है।

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