
देवनानी मंगलवार को जब मुख्य डाकघर (जीपीओ) पहुंचे, तो कर्मचारियों और अधिकारियों में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। देवनानी ने प्रत्येक कर्मचारी और अधिकारी की सीट पर जाकर उनसे मुलाकात करते हुए उनके और परिवार की कुशलता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कोरोनाकाल में भी निष्ठा से सेवाएं देने वाले सभी कर्मचारियों और अधिकारियों की हौंसला अफजाई की।
देवनानी ने जीपीओ में करीब 110 कर्मचारियों, अधिकारियों और अन्य काम करने वालों को परिवार आरोग्य किट बांटे। किट में काढ़े का एक-एक पैकेट, गिलोय की 40 गोलियों की एक-एक डिब्बी, विटामिन-सी व जिंक के कैप्सूल हैं। यह सभी चीजें इम्युनिटी बढ़ाने वाली हैं, ताकि इनका सेवन कर लोग स्वस्थ रहें। कर्मचारियों व अधिकारियों का कहना था कि देवनानी ही एकमात्र ऐसे जनप्रतिनिधि हैं, जो हर विपदा या संकट के समय उनकी सुध लेते हैं।
हर विपरीत परिस्थिति में काम करते हैं डाककर्मी
देवनानी ने हौंसला अफजाई करते हुए कहा कि डाक कर्मचारी और अधिकारी हर परिस्थिति में अपने दायित्व का बखूबी निर्वहन करते हैं। पोस्टमैन हर मौसम में परिस्थितियों का सामना करते हुए निष्ठा और ईमानदारी के साथ डाक गंतव्य स्थान तक पहुंचाते हैं। प्रवर डाक अधीक्षक ईश्वरलाल सांखला, पोस्टमास्टर जितेंद्र कपूर, डिप्टी पोस्टमास्टर रमेश पहलवानी सहित अनेक कर्मचारियों और अधिकारियों ने देवनानी का स्वागत किया। इस मौके पर वरिष्ठ भाजपा नेता सीताराम शर्मा, अरविंद पाराशर, अनिल जोशी, अशोक चैधरी आदि भी मौजूद रहे।
प्राथमिकता से हो हमारा भी वैक्सीनेशन
देवनानी से कर्मचारियों और अधिकारियों ने कहा कि इस संकट के समय वे सभी रोजाना नियमित रूप से ड्यूटी करते हैं। इसलिए डाक विभाग के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को भी फ्रंटलाइन कोरोना वाॅरियर्स मानते हुए प्राथमिकता के आधार पर उनके वैक्सीनेशन की व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने इसके लिए देवनानी से आग्रह किया कि वैक्सीनेशन कराने की व्यवस्था कराएं। देवनानी ने इस संबंध में जिला प्रशासन और चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करने का भरोसा दिलाया।
तीन डिस्पेंसरियों में भी बांटे किट
देवनानी ने कोटड़ा व रामनगर स्थिति सरकारी डिस्पेंसरियों और मदारगेट स्थित कस्तूरबा चिकित्सालय पहुंच कर वैक्सीनेशन व कोरोना जांच की जानकारी ली। इन तीनों जगह कोरोना की जांच और वैक्सीनेशन का काम अलग-अलग चल रहा है, जहां देवनानी ने पहुंच कर कोरोना जांच और वैक्सीनेशन कराने आए लोगों से बातचीत की तथा उन्हें परिवार आरोग्य किट बांटे।
विपक्षी दलों के हाथों की कठपुतली बना किसान आंदोलन-देवनानी
-किसान आंदोलन के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं विपक्षी दल
-आम किसानों का जुड़ाव नहीं है इस आंदोलन से
-कल काला दिवस मनाने का कोई औचित्य नहीं
अजमेर, 25 मई। पूर्व शिक्षा मंत्री व विधायक अजमेर उŸार वासुदेव देवनानी ने कहा है कि 12 विपक्षी दल देश में किसान आंदोलन के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं। यह आंदोलन विपक्षी दलों के हाथों की कठपुतली बन गया है। जबकि हकीकत यह है कि इस आंदोलन से आम किसानों का कोई जुड़ाव नहीं है। उन्होंने कल 26 मई को किसानों द्वारा काला दिवस मनाने को औचित्यहीन बताते हुए इसे महज विपक्षी दलों की राजनीति से प्रेरित बताया है।
देवनानी ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि विपक्षी दलों को कोई मुद्दा नहीं मिल रहा है, तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश की छवि को खराब करने के लिए ओछे हथकंडे अपना रहे हैं। ना तो पिछले करीब छह माह से चल रहे किसान आंदोलन और ना ही किसान यूनियन की मांगों में कोई दम है। इसके बावजूद विपक्षी दल किसान आंदोलन को हवा दे रहे हैं। करीब 22 खाद्य उत्पादों का समर्थन मूल्य बढ़ाया गया, जिसका लाभ भी किसानों को मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा डीएपी खाद पर सब्सिडी में 140 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का निर्णय किसान हितैषी और ऐतिहासिक है, जिससे किसानों को विपदा की इस घड़ी में बहुत बड़ा सहारा व सम्बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि डीएपी पर किसानों को प्रति बोरी अब 500 रूपए की जगह 12 सौ रूपए की सब्सिडी मिलेगी यानी किसानों को प्रति बोरी 24 सौ रूपए की जगह 12 सौ रूपए ही देने होंगे। मोदी के इस फैसले से केंद्र सरकार पर 14 हजार 775 करोड़ रूपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा। प्रधानमंत्री मोदी किसानों के सच्चे हितैषी हैं, इसलिए उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों में बढ़ोतरी होने के बावजूद किसानों को खाद पुरानी दरों पर ही मिलनी चाहिए।
देश को कमजोर करने का प्रयास
देवनानी ने कहा कि इन सबको देखते हुए इस बात पर अचरच होता है किसान यूनियन विपक्षी दलों के हाथों की कठपुतली बनी हुई है और उनके इशारों पर ही नाच रही है। बिना वजह किसान आंदोलन चलाकर और काला दिवस मनाकर देश को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। यह सब तब हो रहा है, जब देशभर में कोरोना महामारी का संकटकाल चल रहा है और केंद्र सरकार इससे जूझने के लिए जी-जान से जुटी हुई है। इस संकटकाल में किसानों ही नहीं, सभी विपक्षी दलों को केंद्र सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करना चाहिए, ताकि देश इस महामारी से जल्द से जल्द उबर सके।
आॅक्सीजन प्लांट चलाने के लिए लगाए जाएं तकनीशियन
-प्लांट संचालन का जिम्मा नर्सिंग स्टाफ के हवाले करना ठीक नहीं
-कहीं ऐसा न हो कि फिर आॅक्सीजन बाधित होने से बड़ी समस्या पैदा हो जाए
अजमेर, 25 मई। पूर्व शिक्षा मंत्री व विधायक अजमेर उŸार वासुदेव देवनानी ने कहा है कि जिला प्रशासन, चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग और नेहरू अस्पताल प्रशासन को आॅक्सीजन प्लांट संचालित करने के लिए तकनीशियनों की व्यवस्था करनी चाहिए।
देवनानी ने कहा कि नेहरू अस्पताल और राजकीय सैटेलाइट अस्पताल में आॅक्सीजन प्लांट लग चुके हैं, लेकिन इन्हें संचालित करने के लिए तकनीशियनों की व्यवस्था नहीं की गई है। संचालन नर्सिंग स्टाफ के हवाले है, जो तकनीकी रूप से जानकार नहीं हैं। कहीं ऐसा ना हो कि कभी गंभीर स्थिति में तकनीशियनों के अभाव में प्लांट चल नहीं पाएं और मरीजों के साथ कोई बड़ी मुसीबत खड़ी हो जाए। इसलिए प्रशासन को तुरंत प्रभाव से, चाहे जैसे भी हो, आॅक्सीजन प्लांट संचालित करने के लिए चैबीसों घंटे तकनीशियनों की व्यवस्था करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि दो दिन पहले नेहरू अस्पताल में पाइप लाइन से आॅक्सीजन सप्लाई में बाधा आने के कारण दो मरीजों की असमय मृत्यु हो गई थी। इस घटना से प्रशासन को सबक लेते हुए व्यवस्था में सुधार करने की तरफ तत्काल ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि डाॅक्टरों और मेडिकल स्टाफ के काम करने के बाद भी इस तरह की घटनाओं से उनके खिलाफ लोगों में आक्रोश पैदा होता है। इसलिए प्रशासन को यह प्रयास करने चाहिए कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो और लोगों के आक्रोश का सामना नहीं करना पड़े।
पुराना पेड़ गिरने से परेशान लोगों को देवनानी ने दिलाई राहत
अजमेर, 25 मई। पूर्व शिक्षा मंत्री व विधायक अजमेर उŸार वासुदेव देवनानी ने घासकटला, नयाबाजार स्थित जती गली में पिछले आंधी-तूफान से करीब डेढ़ सौ साल पुराना पेड़ गिरने की जानकारी मिलने पर मंगलवार को घटनास्थल का मुआयना किया। उन्होंने क्षेत्रीय पार्षद अशोक मुद्गल व स्थानीय नागरिकों से पेड़ गिरने के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
देवनानी से लोगों ने कहा कि पेड़ गिरने के बाद से इसे हटाने के लिए शिकायत नगर निगम में की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। इस पर देवनानी ने तुरंत मेयर श्रीमती ब्रजलता हाड़ा से फोन पर संपर्क कर गिरे पेड़ को हटवाने का आग्रह किया।