ग्रेटर नगर निगम मेयर व तीन पार्षदों का निलंबन राजनीतिक दुर्भावना

प्रो. वासुदेव देवनानी
अजमेर, 7 जून। पूर्व शिक्षा मंत्री व विधायक अजमेर उत्तर वासुदेव देवनानी ने भाजपा शासित जयपुर में ग्रेटर नगर निगम की मेयर सौम्या गुर्जर और तीन पार्षदों को राजनीतिक दुर्भावना से निलंबित करने की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि कांग्रेस सरकार ने लोकतंत्र की हत्या की है।
सोमवार को जारी बयान में देवनानी ने कहा, सरकार ने कहासुनी की कहानी बनाकर मेयर और तीन पार्षदों को निलंबित करने की एकतरफा कार्यवाही कर अपनी राजनीतिक दुर्भावना जाहिर कर दी है। उन्होंने कहा, कथित कहासुनी की जांच भी सरकार ने अपने चहेते अधिकारी से कराई और उसी की रिपोर्ट के आधार पर कार्यवाही कर दी थी, जबकि मेयर और तीनों पार्षदों को सुनवाई को कोई मौका नहीं दिया। इससे यह साबित होता है कि सरकार जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों और भाजपा बोर्ड को काम नहीं करने देना चाहती है। वह लोकतंत्र का गला घोंटने पर उतारू हो गई है।
कांग्रेस की हार की बौखलाहट है यह
उन्होंने कहा कि 46 वर्ष पूर्व इसी जून महीने में इंदिरा गांधी ने भी देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र की हत्या की थी, और ठीक इसी तरह वर्तमान में भी कंाग्रेस सरकार ने लोकतन्त्र की हत्या की है ।़ भी चुनाव में भाजपा से कांग्रेस जीत नहीं पाई। इसलिए उस हार की बौखलाहट इस कदम से साफ झलकती है। चुनाव जीतने के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए, बार-बार परिसीमन किया, बार-बार चुनाव स्थगित किए, सरकारी मशीनरी के दम पर चुनाव जीतने की कोशिश की। जब इन सभी में असफल हो गए, तो कांग्रेस सरकार तानाशाही पर उतर आई है।
मेयर की मनाही के बावजूद उजाड़ी दलितों की बस्ती
देवनानी ने कहा कि पहले नगर निगम की कमेटियां भंग कीं, लेकिन न्यायालय ने उन्हें बहाल कर दिया। इसी तरह प्रदेश की अन्य नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगम में सरकार का दुरूपयोग कर चुने हुए बोर्ड भंग करने की कोशिश की थी। थोडे़ दिन पहले इसी तानाशाह सरकार ने मेयर के मना करने के बावजूद लॉकडाउन में ही दलितों की बस्ती उजाड़ दी थी। उन्होंने कहा कि एक कंपनी के साथ मिलकर सरकार भ्रष्टाचार करना चाहती है।

भाजपा लड़ेगी पुरजोर लड़ाई
उन्होंने कहा कि पूरी प्रदेश भाजपा सड़क पर, सदन में और न्यायालय में सरकार के इस तानाशाह रवैये के खिलाफ पुरजोर लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार का यह कदम निश्चित रूप से उसके लिए आत्मघाती साबित होगा। उन्होंने सवाल किया कि यदि इसी तरह की घटना कांग्रेस बोर्ड वाले किसी नगर निगम, नगर परिषद या पालिका में घटी होती तो क्या सरकार तुरत-फुरत में इस तरह की कार्यवाही करती।
न्यायिक जांच का कोई औचित्य नहीं
देवनानी ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने ग्रेटर नगर निगम के तथाकथित मामले की न्यायिक जांच कराने की मंशा जाहिर की है। उनकी नजर में न्यायिक जांच कराने का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि यह इतनी बड़ी घटना नहीं है। न्यायिक जांच किसी गंभीर मामले या घटना होने पर कराई जाती है। उन्हें यह भी समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर सरकार न्यायिक जांच कराने की बात कहकर क्या साबित करना चाहती है।

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