पेयजल संकट पर चुप्पी साधे बैठे हैं कांग्रेस के नेता, अधिकारी कर रहे हैं टाइम पास

प्रो. वासुदेव देवनानी
अजमेर, 12 जून। पूर्व शिक्षा मंत्री व विधायक अजमेर उत्तर वासुदेव देवनानी ने कहा है कि अजमेर में पेयजल संकट के लिए कांग्रेस सरकार, जिला प्रशासन और जलदाय विभाग जिम्मेदार है। सत्तारूढ़ दल कांग्रेस के नेताओं को आपसी लड़ाई से ही फुर्सत नहीं है, तो जनहित से जुड़े इस अहम् और गंभीर मुद्दे पर सोचने और शासन-प्रशासन से बात करने की फुर्सत कहां से मिलेगी। यही कारण है कि कांग्रेसी नेता इस मसले पर चुप्पी साधे बैठे हैं, तो अधिकारी समस्या हल करने की बजाय टाइम पास कर रहे हैं।
देवनानी ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि पिछले ढाई साल में कांग्रेस की सरकार होते हुए भी अजमेर के कांग्रेसी नेताओं ने पेजयल सहित जनहित से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए कोई प्रयास नहीं किए। जलदाय विभाग के अधिकारियों को इस बात से कोई मतलब नहीं है कि जनता पेयजल संकट के कारण कितनी परेशान हो रही है। जलदाय अधिकारियों का यह कहना बहुत ही गैरजिम्मेदाराना है कि पुष्कर रोड पर सीवरेज लाइन डालने के कारण पानी की पाइप लाइनें एक माह तक ऐसी ही टूटती रहेंगी। यह हाल केवल पुष्कर रोड का ही नहीं है। जहां-जहां भी सीवरेज लाइन डालने का काम चल रहा है, वहां-वहां पाइप लाइनें आए दिन टूट रही हैं। सीवरेज लाइन डालने के लिए सड़क को दस फीट नीचे तक खोदा जा रहा है। जबकि पानी की पाइप लाइनें चार-पांच फीट नीचे ही हैं। मिट्टी का बेस हटने से पानी की पाइप लाइनें या तो टूट जाती हैं या उनके ज्वाॅइंट खुल जाते हैं।
अनेक क्षेत्रों मेें बनी हुई है पानी की समस्या
उन्होंने कहा कि सीवरेज लाइन डालने के लिए सड़क दस फीट गहरी खोदते समय कोई इंजीनियर मौके पर मौजूद नहीं रहता है। सब-कुछ केवल मजदूरों और जेसीबी चालक के भरोसे चलता है। उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि पाइन लाइन टूट रही है और लोगों को पानी की परेशानी उठानी पड़ रही है। यदि कहीं पाइप लाइन ठीक करने का काम शुरू भी किया जाता है तो एक-दो दिन लगा दिए हैं, जिससे उस क्षेत्र की जनता खासी परेशान होती है। यही नहीं, हरिभाऊ उपाध्याय नगर मुख्य व विस्तार, बी.के. कौल नगर, पसंद नगर, आजाद नगर, महाराणा प्रताप नगर, पत्रकार काॅलोनी, प्रगति नगर, पंचशील, वैशाली नगर, क्रिश्चियन गंज, पुष्कर रोड, नागफणी, रामनगर, फाॅयसागर रोड आदि क्षेत्रों में चार-चार, पांच-पांच दिन में पानी सप्लाई किया जा रहा है। पानी का प्रेशर बहुत कम होने के कारण जनता को जरूरत के मुताबिक भी पानी नहीं मिल पा रहा है।
रलावता का आरोप सिरे से खारिज
देवनानी ने कांग्रेस नेता महेंद्रसिंह रलावता के इस आरोप को सिरे से खारिज किया कि उन्होंने पेयजल संकट से जनता को निजात दिलाने के लिए कुछ भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि वे इस मसले को लेकर हमेशा चिंतित और प्रयासरत रहे हैं। जलदाय विभाग के एईएन से लेकर एसई व सीई तक से कई बार मिलकर पेयजल संकट का तुरंत समाधान करने के लिए कहा। कई बार जिला कलेक्टर का भी ध्यान आकर्षित किया है। पिछले दिनों जिले के प्रभारी मंत्री लालचंद कटारिया की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में भी प्रमुखता से पेयजल संकट का मुद्दा उठाया था। जलदाय मंत्री बी.डी. कल्ला से भी बात की। ऐसा लगता है कि शासन-प्रशासन आंखें मूंदे बैठा हुआ है। शासन-प्रशासन को जनता के धैर्य की परीक्षा लेने की बजाय समस्या के समाधान के लिए तुरंत प्रभाव से कदम उठाने चाहिए।
स्टील की पाइन लाइनें क्यों नहीं डाली जाती हैं
उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के समय अजमेर को 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने के लिए भरपूर फंड आवंटित किया गया था। सत्ता बदलने के बाद यदि शासन-प्रशासन चाहता, तो उस फंड का पूरा उपयोग कर अजमेर की जनता को पेयजल संकट से निजात दिला सकता था। उन्होंने कहा कि भाजपा राज में अनेक क्षेत्रों में सीमेंटेड पाइप लाइनों की जगह स्टील की पाइप लाइनें डालने का काम शुरू किया गया था। इस समस्या का स्थाई समाधान स्टील की पाइप लाइन ही है। उन्होंने कहा कि बीसलपुर परियोजना के दूसरे फेज का काम समाप्ति की ओर है, लेकिन तीसरे फेज का काम शुरू करने की अभी तक कोई सुगबुगाहट नहीं है।
बिजली की व्यवस्था भी गड़बड़ाई
देवनानी ने कहा कि शहर में बिजली की व्यवस्था भी गड़बड़ाई हुई है। अनेक क्षेत्रों में बिना वजह आए दिन बिजली गुल हो जाती है, जिससे इस भीषण गर्मी में लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। बिजली की ट्रिपिंग होने से भी जनता खासी परेशान है। कई क्षेत्रों में पानी सप्लाई के समय ही फिल्टर प्लांट या सप्लाई स्टेशन की बिजली गायब हो जाती है, जिससे पानी की सप्लाई बाधित होती है। इस बारे में भी टाटा पाॅवर कंपनी और अजमेर विद्युत वितरण निगम के अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।

error: Content is protected !!