केकड़ी 6 नवंबर(पवन राठी)कोरोना गाइड लाइन के कारण दूसरे साल भी नही हो पाया परंपरा का निर्वहन।प्राचीन परंपरा के अनुसार गणेश प्याऊ पर विराजित घास भेरू को नगर भ्रमण करवाया जाता है माना जाता है कि इससे नगर में सुख चैन अमन और शांति कायम रहती है ।नगर विपदाओं से सुरक्षित रहता है।
कोरोना के कारण लागू गाइड लाइन से लगातार दूसरे साल भी घास भेरू को नगर भ्रमण नही करवाया जा सका।
घास भेरू को नगर भ्रमण हेतु कांग्रेस भाजपा व अनेक सामाजिक संगठनों ने पुरजोर कोशिश कि की प्रशासन इसकी अनुमति प्रदान करे पर वे सफल नही हो सके।
दोपहर में कुछ हुड दंगी असामाजिक तत्त्वों द्वारा घास भेरू को उनके नियत स्थान से खींच कर 100 मीटर आगे बाजार के बीचों बीच ले आया गया।इसकी सूचना ज्योही सिटी थाना प्रभारी सुधीर कुमार को मिली तो बड़ी संख्या में पुलिस जाप्ता तैनात किया गया।पुलिस के आने से पूर्व ही हुड दंगी असामाजिक तत्त्व मोके से भागने में कामयाब रहे।पुलिस और हुड़दंगियों के बीच चूहे बिल्ली का ये खेल देर रात्री तक जारी रहा।
प्राचीन परंपरा के अनुसार गोवर्धन पूजा के दिन घास भेरू को लोग खिंचते है और पूरे नगर का भ्रमण करवाकर वापस नियत स्थान पर लाकर विराजित किया जाता है।
घास भेरू की सवारी नही निकाले जाने के कारण आस्थावान धर्म भीरू लोगो को मन मसोस कर रहना पड़ा।
विशेष बात यह रही कि छुट पुट घटनाओं को छोड़ कर कोई बड़ी घटना घटित नही हुई इससे आमजन-पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली।