राजस्थान सरकार के स्कूल खोलने के निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग

ऑनलाइन कक्षाएं यथावत रखने की मांग

राज्य सरकार द्वारा हाल ही में कोरोना गाइडलाइन जारी की गई जिसमें मुख्यतः सभी स्कूलों को शत-प्रतिशत क्षमता के साथ शुरू करने के दिशानिर्देश जारी किए गए जिसके तहत लंबे समय से बंद पड़े सभी स्कूल अब पूरी क्षमता के साथ खोले जा सकेंगे। उक्त गाइडलाइन के पश्चात अधिकांश निजी स्कूलों द्वारा सोमवार से ऑनलाइन कक्षाएं लेना बंद कर दिया और स्कूल-प्रबंधन द्वारा अभिभावकों को नियमित कक्षाएं शुरू करने हेतु मैसेज भेजे जिसके तहत छात्रों को अनिवार्य रूप से स्कूल भेजने के निर्देश दिए। अजमेर जिला कांग्रेस कमेटी सीए प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष सीए विकास अग्रवाल ने राज्य सरकार के उक्त निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की जिसके तहत भेजे गए ई-मेल में उल्लेख किया कि अभी भी वे अभिभावकगण अपने बच्चों को स्कूल भेजने में डर रहे हैं जिनके बच्चे 18 वर्ष की आयु से कम है जिसके कारण उन्हें अभी तक कोरोना टीकाकरण की एक भी डोज़ नहीं लग पाई है। सीए अग्रवाल ने बताया कि हाल ही में देश के कुछ हिस्सों सहित राजस्थान के कुछ जिलों में भी कोरोना के नए मरीज सामने आ रहे हैं जिसके तहत 18 वर्ष से कम आयु के स्कूली छात्रों को अनिवार्य रूप से स्कूल भेजने से कोरोना संक्रमित होने का डर है इसलिये राज्य सरकार से मांग की है कि जब तक इस वर्ग की आयु का सम्पूर्ण टीकाकरण न हो तब तक वैकल्पिक शिक्षा के तहत ऑनलाइन कक्षाएं यथावत जारी रखने के सभी स्कूलों को आदेश दिए जाएं।
सीए विकास अग्रवाल
जिलाध्यक्ष, अजमेर ज़िला कांग्रेस कमेटी, सीए प्रकोष्ठ

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