नई दिल्ली, 29 नवंबर 2021: नई दिल्ली में फेडरेशन ऑफ इंडियन पेट्रोलियम इंडस्ट्री (एफआईपीआई) द्वारा आयोजित एफआईपीआई ऑयल एंड गैस अवार्ड्स में केयर्न ऑयल एंड गैस को ‘ऑयल एंड गैस प्रोडक्शन कंपनी ऑफ द ईयर’ के अलावा दो अन्य पुरस्कार मिले हैं। केयर्न ऑयल एंड गैस भारत की सबसे बड़ी निजी कंपनी है, जो तेल और गैस की खोज करती है। केयर्न ऑयल एंड गैस की टीम को ‘यंग अचीवर फीमेल’ और ‘यंग अचीवर मेल’ पुरस्कर भी मिले हैं। यह पुरस्कार माननीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने मंत्रालय के अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में दिये।
प्रतिष्ठित पुरस्कर ‘ऑयल एंड गैस प्रोडक्शन कंपनी ऑफ द ईयर’ मिलने पर केयर्न ऑयल एंड गैस के सीईओ प्रचुर साह ने कहा, “यह पुरस्कार पाना हमारे लिये एक महत्वपूर्ण सम्मान है, क्योंकि हम अपनी क्षमताओं को दोगुना करने और भारत के घरेलू उत्पादन में 50% योगदान देने की कोशिश में हैं। केयर्न में हमने भारत की हाइड्रोकार्बन क्षमता पर पक्का विश्वास जताया है और हम न केवल मौजूदा ब्लॉक्स से, बल्कि नये ओएएलपी ब्लॉक्स में भी आउटपुट को बढ़ाने के लिये टेक्नोलॉजी में नये निवेश करने के लिये प्रतिबद्ध हैं। एफआईपीआई से यह पुरस्कार पाकर हम सम्मानित हुए हैं और यह हमें भारत के लिये ऊर्जा में आत्मनिर्भरता पाने के सरकार के लक्ष्य में योगदान देने के लिये और भी प्रेरित करेगा।‘’
‘यंग अचीवर फीमेल’ अवार्ड नेहा शाह सिन्हा को मिला, जो केयर्न ऑयल एंड गैस की लीड पेट्रोलियम इंजिनियर हैं। ‘यंग अचीवर मेल’ का खिताब मनु खन्ना को मिला, जो रव्वा ऑयल फील्ड में ग्रोथ प्रोजेक्ट्स के हेड हैं।
केयर्न वैश्विक टेक्नोलॉजी अग्रणियों के साथ भागीदारियों के माध्यम से देशभर में अपने फील्ड्स में टेक्नोलॉजी का अनुसंधान करता रहा है। कंपनी ने हाल ही में हल्लीबर्टन कंपनी और बेकर ह्यूजेस के साथ गठजोड़ किये थे, ताकि राजस्थान में स्थित अपने फील्ड्स से उत्पादन बढ़ा सके, अपतटीय संपदाओं से रिजर्व बेस बढ़ा सके और बाड़मेर के निचले पर्वतीय क्षेत्र में शेल के उत्पादन की संभावना का अध्ययन कर सके। टेक्नोलॉजी में केयर्न के कौशल को देशभर में देखा जा सकता है। राजस्थान का मंगला फील्ड एक फुल-फील्ड एनहांस्ड ऑयल रिकवरी (ईओआर) पॉलीमर प्रोजेक्ट का घर है, यह प्रोजेक्ट विश्व में अपनी तरह का सबसे बड़ा है। इसके अलावा एक बड़े एल्केलाइन सर्फेक्टेन्ट पॉलीमर (एएसपी) प्रोजेक्ट को अभी डिजाइन किया जा रहा है, जिसका निष्पादन अगले कुछ वर्षों में होगा। यह फील्ड मंगला पाइपलाइन का आरंभ बिन्दु भी है, जो विश्व की सबसे बड़ी लगातार गर्म रहने वाली और इंसुलेटेड पाइपलाइन है और क्रूड को राजस्थान के फील्ड्स से गुजरात की रिफाइनरीज तक पहुँचाती है। भारत की पहली अपतटीय संपदा रव्वा फील्ड भारत के पहले टीसीपी बैलेंस अंडर-परफोरेटिंग का घर है, जहाँ मल्टीलेन कम्पाइलेशन टेक्निक है। इस तकनीक ने एक बोर से कई रिजर्वोइर्स तक पहुँच दी है, जिससे रिकवरी और एसेट रिजर्वोइर मैनेजमेंट बेहतर हुआ है।