मुंबई, दिसंबर, २०२१: जमनालाल बजाज फाउंडेशन द्वारा आयोजित ४३वां वार्षिक जमनालाल बजाज पुरस्कार २०२१ समारोह आज संपन्न हुआ, जहां मानवतावादी एवं लोकोपकारी कार्यों के लिए चार व्यक्तियों का सम्मान एवं सत्कार किया गया। श्री जमनालाल बजाज की जयंती पर या उसके आसपास प्रदान किए जाने वाले ये पुरस्कार गांधीवादी विचारों का अनुसरण करते हुए मानवतावादी एवं सामाजिक कार्यों के क्षेत्र में किए गए लोगों के अनुकरणीय प्रयासों को मान्यता देते हैं। चारों पुरस्कार विजेताओं का सम्मान एवं सत्कार मुख्य अतिथि नोबेल शांति पुरस्कार विजेता श्री कैलाश सत्यार्थी (कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेंस फाउंडेशन के संस्थापक), श्री राहुल बजाज (जमनालाल बजाज फाउंडेशन के न्यासी बोर्ड के अध्यक्ष), डॉ. आर. ए. माशेलकर (फाउंडेशन की सलाहकार परिषद के अध्यक्ष), चयन समितियों के अध्यक्षों, फाउंडेशन की सलाहकार परिषद के सदस्यों तथा गणमान्य व्यक्तियों की गरिमापूर्ण उपस्थिति में किया गया।
इन पुरस्कारों की स्थापना होने के बाद से फाउंडेशन हर साल श्री जमनालाल बजाज की जयंती मनाता आया है। फाउंडेशन ने इस विशेष अवसर पर महापुरुष को श्रद्धांजलि अर्पित करने के रूप में विकासात्मक गतिविधियों एवं गांधीवादी रचनात्मक कार्यक्रमों के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया, जिसके तहत प्रत्येक श्रेणी में उन्हें एक प्रशस्ति पत्र, एक ट्रॉफी और १०,००,०००/- रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। फाउंडेशन उन आदर्शों की आराधना करता चला आ रहा है, जिनके साथ श्री जमनालाल जी अपने पूरे जीवनकाल के दौरान समर्पित रूप से जुड़े रहे।
जमनालाल बजाज फाउंडेशन के न्यासी बोर्ड के अध्यक्ष श्री राहुल बजाज ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए कहा, “हम सभी विजेताओं को बधाई देते हैं, क्योंकि उन्होंने अपने अनुकरणीय कार्यों से समाज में योगदान दिया है। इन व्यक्तियों को मान्यता प्रदान करना और इनके प्रयासों का सम्मान करना बहुत जरूरी व महत्वपूर्ण है, ताकि इनकी अदम्य निस्वार्थ भावना से अधिक से अधिक लोग प्रेरणा लें। गांधीवादी सिद्धांतों के प्रचार-प्रसार में हर विजेता ने अपने-अपने तरीके से ढेर सारा योगदान दिया है और श्री जमनालाल जी की इच्छा भी ठीक ऐसी ही थी। फाउंडेशन को ऐसे लोगों की पहचान करने पर गर्व और सौभाग्य महसूस होता है, जिन्होंने अनगिनत लोगों की जिंदगी को स्पर्श किया है तथा उन्हें भावनात्मक, आर्थिक और सामाजिक रूप से पूरी तरह बदल डाला है।”