केकड़ी 13 दिसंबर(पवन राठी)मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी केकड़ी के तत्वावधान में आज 6 दिवसीय गैर आवासीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण का शुभारंभ यहाँ राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कृष्णानगर केकड़ी में हुआ।
प्रशिक्षण कार्यशाला के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि केकड़ी नगर पालिका अध्यक्ष श्री कमलेश साहू थे वहीं अध्यक्षता मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रेमचंद मोची ने की । कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में नगरपालिका केकड़ी की उपाध्यक्ष श्रीमती संपत देवी झारोटिया, पूर्व प्रधान केकड़ी श्रीमती सीमा चौधरी व अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राधेश्याम कुमावत रहे ।
कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षिका कृष्णा लखेरा द्वारा सरस्वती वंदना के साथ की गई सभी अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन किया गया। तत्पश्चात सभी अतिथियों का माल्यार्पण व साफा बंधन व शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया गया।
शिविर प्रभारी व संदर्भ व्यक्ति रंजना पाठक ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यशाला में ब्लॉक के 109 विद्यालय के 109 संभागी भाग ले रहे हैं जिसमें ज्यादातर महिला शिक्षिकाएँ हैं। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा कर उनको स्वयं की रक्षा हेतु सक्षम बनाना है।
इस हेतु राज्य में जिले से दक्ष प्रशिक्षक प्रशिक्षित होकर दिनांक 13 दिसंबर से 18 दिसंबर तक ब्लॉक की शिक्षक शिक्षिकाओं को प्रशिक्षित करेंगे बाद में ये ही शिक्षक व शिक्षिकाएं अपनी पंचायत में जाकर कक्षा 6 से 12 की बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्रदान करेंगे । दक्ष प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षण का एक डेमो भी अतिथियों के सम्मुख प्रस्तुत किया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री कमलेश साहू ने सभी मातृशक्ति का स्वयं को मजबूत बनने का आह्वान किया और कहा कि नारी शक्ति यदि मजबूत होगी तो समाज भी मजबूत होगा । विशिष्ट अतिथि व मुख्य वक्ता पूर्व प्रधान श्रीमती सीमा चौधरी ने संभागीयों को स्वयं शक्ति स्वरूपा बनने का आव्हान किया और कहा कि वर्तमान सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए भरपूर प्रयास कर रही कर रही है।
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने आत्मरक्षा प्रशिक्षण की सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया व सभी संभागियों को उपस्थित रहकर कार्यशाला को सफल बनाने का आह्वान किया ।
आत्मरक्षा कार्यशाला में श्रीमती शीलू राजावत, विजयलक्ष्मी गुप्ता, सौभाग्य नंदिनी राठौड़ व हारून राशिद अंसारी ने विशेष सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम का संचालन लेखिका व शिक्षिका विमला नागला ने किया।