j k gargखुलकर हँसने एवं मुस्कराने में छिपा है जीवन की समस्याओं का समाधान क्योंकि अधिक हँसने वाले बच्चे फुर्तिले एवं अपेक्षाकृत अधिक शक्तिशाली होते हैं। 10 मिनट हँसने मात्र से इतनी ऊर्जा मिलती है, जो साधारणतया लगभग एक किलोमीटर प्रातः स्वच्छ वातावरण में भ्रमण करने से प्राप्त होती है। अमेरिका के प्रख्यात कार्डियोलॉजिस्ट डा. विलियम फ्रार्ड के अनुसार एक मिनट का हँसना लगभग 40 मिनट आराम के बराबर होता है उन्होंने अपनी किताब मेक अस लाफ में स्पष्ट लिखा है हंसने से दर्द से छुटकारा मिलता है वहीं रक्त-चाप सुधरता है और रक्त नलिकाएं साफ होती है जिससे रक्त संचार सुधरता है। हास्य से जो हार्मोन बनते हैं वे गठिया, एलर्जी एवं वात रोगों से मुक्ति दिलाते हैं, दर्द दूर करते हैं। मात्र 10 से 15 मिनट मुस्कराने से रक्तचाप चाहे बढ़ा हो अथवा कम हो, सामान्य हो जाता है। मधुमेह के रोगी को दवा लेने की आवश्यकता नहीं रहती। शरीर के अधिकांश चेतना केंद्र जागृत होने लगते हैं। हंसने-मुस्कराने से श्वसन आदि रोगों में भी विशेष लाभ होता है। हँसी से शरीर में वेग के साथ ऑक्सीजन का अधिक संचार होने से मांसपेशियों सशक्त होती है। जमे हुए विजातीय अनुपयोगी, अनावश्यक तत्व अपना स्थान छोड़ने लगते हैं, जिससे विशेष रूप से फेफड़े और हृदय की कार्य क्षमता बढ़ती है। अवरोध समाप्त होने से रक्त का प्रवाह संतुलित होने लगता है। हँसी से शरीर में ताजगी आती है। अच्छी स्वाभाविक निद्रा आती है। बुखार दूर हो जाता है। दर्द और पीड़ा में राहत मिलती है। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार ऐसे कई मानसिक रोग हैं जिसका इलाज केवल हास्य द्वारा ही किया जा सकता है अशान्ति की आग में आकुल-व्याकुल व्यक्ति के लिए हास्य एक वरदान होता है। |