अजमेर स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के खादिम सैयद जकरिया गुर्देजी और उनके पुत्र अली अब्बास ने कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी की पति रॉबर्ट वाड्रा की 20 दिसंबर को दिल्ली आवास पर दस्तारबंदी की। खादिम गुर्देजी ने ख्वाजा साहब की पवित्र मजार पर रखी गुलाबी रंग की पगड़ी वाड्रा के सिर पर बांधी और दरगाह का तबर्रुक भेंट किया। गुर्देजी ने वाड्रा परिवार के उज्ज्वल भविष्य के लिए दुआ भी की। इसके साथ ही वाड्रा परिवार को दरगाह जियारत का निमंत्रण भी दिया। वाड्रा ने कहा कि समय मिलने पर वे परिवार के साथ अजमेर आ कर दरगाह की जियारत करेंगे। वाड्रा ने दस्तारबंदी के लिए गुर्देजी परिवार का आभार जताया। जकरिया गुर्देजी ने बताया कि वे प्रियंका गांधी के लिए दुपट्टा ले गए थे, लेकिन प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश चली गई, इसलिए उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। लेकिन राबर्ट वाड्रा का व्यवहार बहुत ही आत्मीयपूर्ण रहा। मालूम हो कि गुर्देजी परिवार की दरगाह में गांधी परिवार का खिदमतगार है। गांधी परिवार के सदस्यों को दरगाह में जियारत गुर्देजी परिवार ही करवाता है। यह सिलसिला श्रीमती इंदिरा गांधी के समय से चला आ रहा है। जकरिया गुर्देजी के पिता सैय्यद अब्दुल गनी गुर्देजी ने पहली बार श्रीमती इंदिरा गांधी को जियारत करवाई थी, तभी से राजीव गांधी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी आदि सभी को जियारत करवाई है। ख्वाजा साहब के सालाना उर्स में कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से भेजी जाने वाली चादर को भी गुर्देजी परिवार की मजार शरीफ पर पेश करता है।
S.P.MITTAL