हेमंत कुमार और पिता पर यादगार संगीतमय शाम का आयोजन किया

विश्व संगीत और पितृत्व दिवस पर इंडिया इंटरनेशनल म्यूजिक लवर्स सोसाइटी ने हेमंत कुमार और पिता पर यादगार संगीतमय शाम का आयोजन किया

अजमेर। विश्व संगीत दिवस और पितृत्व दिवस के पावन अवसर और म्यूजिक लीजेंड हेमन्त दा के जन्म पर इंडिया इंटरनेशनल म्यूजिक लवर्स सोसाइटी ने अजमेर क्लब में स्वरांजली 2022 कार्यक्रमों की कड़ी में मिले सुर मेरा तुम्हारा *एक संगीतमय शाम ‘ प्रस्तुत करते हुए एक से बढ़कर एक गीत गाकर तालियों बटोरी ।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र में नवीन भार्गव ये रात ये चांदनी
प्रणय नन्दी बेकरार करके हमे यूँ न जाइये, महेश जी मीना ख्यालानी ने युगल गीत नींद न मुझको आए, गोपेंद्र राठौड़ तुम पुकार लो तुम्हारा इंतजार है
दयाल प्रियानी – ये नयन डरे डरे, ये नाम भरे भरे
विजय हलदानिया और रजनी चांदावत ना तुम हमे जानो
ने एकल गायकी ,डॉ लाल थदानी लता शर्मा जी ये रात ये चांदनी फिर कहां और कुंज बिहारी लाल और उषा मित्तल ने इक बार जरा फिर कह दो हेमंत कुमार के गीतों की झड़ी लगा दी ।

पितृत्व दिवस पर नीरज मिश्रा तू मासूम तू शैतान
धर्मेन्द्र श्रीवास्तव ने तुझे सूरज कहूँ या चन्दा, राज दाधीच तुझको ना देखूँ तो दिल, नवीन जोशी पिता से है नाम तेरा यज्ञदत्त ने अपने बच्चो के साथ मुझे माफ करना ओम साईं में तारीफ़ बटोरी तो महेश लौंगानी ने बापू सेहत के लिए तू तो मजाकिया अंदाज में सबको हंसाया ।
आखिरी सत्र में विश्व संगीत दिवस पर आधारित
चतुर्भुज प्रियानी ने साज़ हो तुम आवाज
सोहन सिंह जी तेरी दुनिया में जीने से
देवी सिंह रावत मन तरपत हरि दर्शन को
पुष्पा क्षेत्रपाल जाने वो कैसे लोग थे जिनको
मनोज अग्रवाल है अपना दिल तो आवारा
लक्ष्मण हरजानी राही तू मत रुक जाना
चंदा भोजवानी जी जा रे जा हरजाई देखी तेरी
अब्दुल हनीफ मेरी आवाज सुनो अब्दुल सलाम खुरेशी ने आपके पहलू में आकर रो दिए एक से बढकर एक गीत सुनाए ।
कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने मिलकर “कभी अलविदा ना कहना” सामूहिक गान किया।
भारती नंदी जी ने स्वागत भाषण दिया । विजय शर्मा जी ने प्रणय नंदी जी और कुंज बिहारी जी की व्यवस्था,
दयाल प्रियानी जी के संचालन , खुरेशी साब के लाइव रिकॉर्डिंग; महेश लौंगानी जी का साउंड सिस्टम का तहे दिल से सभी कलाकारों का आभार जताया ।

डॉ लाल थदानी 8005529714
कुंज बिहारी लाल 90011 94620

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