( राजस्थान गैर सरकारी शैक्षिक संस्था अधिकरण का महत्वपूर्ण फैसला)
जयपुर राजस्थान गैर सरकारी शैक्षिक संस्था अधिकरण ने गैर अनुदानित संस्था में कार्यरत कर्मचारी को भी ग्रेच्युटी प्राप्त करने का अधिकारी माना उल्लेखनीय है कि भीम सिंह आर्य ने प्रबंध समिति माध्यमिक आदर्श विद्या मंदिर बयाना भरतपुर सचिन तथा प्रबंध समिति जिला आदर्श विद्या मंदिर समिति, भरतपुर व निदेशक माध्यमिक शिक्षा, राजस्थान बीकानेर के विरुद्ध एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करें निवेदन किया कि प्रार्थी गैर अनुदानित संस्था में कार्यरत है तथा अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं ऐसी स्थिति में प्रार्थी कर्मचारी की श्रेणी में आता है तथा संस्था नियुक्त किस श्रेणी में आती है एस्टेब्लिशमेंट की परिभाषा मे आती है प्रार्थी के अधिवक्ता का यह भी तर्क था कि ग्रेच्युटी सेवा शर्तों में आती है इसलिए अधिकरण को ग्रेच्युटी के मामले सुनवाई के अधिकार है विपक्षी संस्थान की तरफ से तर्क दिया गया कि क्योंकि सस्ता गैर अनुदानित है अतः ग्रेच्युटी का हक नहीं है यदि मान लिया जाए की ग्रेच्युटी का हक है तो भी कर्मचारियों को पेमेंट आफ ग्रेच्युटी एक्ट के तहत सक्षम अधिकारी के पास अपील प्रस्तुत करनी चाहिए माननीय अधिकरण के समक्ष मामला सुनवाई योग्य नहीं है इसके विपरीत प्रार्थी के अधिवक्ता डीपी शर्मा का तर्क था क्योंकि ग्रेच्युटी सेवा शर्तों में शामिल है ऐसी स्थिति में माननीय अधिकरण को सुनवाई का अधिकार है प्रार्थी के अधिवक्ता ने माननीय उच्च न्यायालय का न्यायिक दृष्टांत भी प्रस्तुत किया जिसके तहत माननीय अधिकरण को सुनवाई का अधिकार माना मामले की सुनवाई के पश्चात अधिकरण ने
ग्रेच्युटी की राशि 6% की दर से ब्याज देने का भी आदेश दिया यह भी आदेश दिया यदि कोई ग्रेच्युटी का भुगतान किया गया तो संस्था समायोजन का अधिकार रखती हैं