किशनगढ़। किशनगढ़ निवासी अंतरराष्ट्रीय कार्टूनिस्ट, कॉमिक आर्टिस्ट एवं शोधकर्ता डॉ. हेमन्त धवल ने राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर के चित्रकला विभाग से “किशनगढ़ शैली के परम्परागत एवं समसामयिक चित्रकारों का विवेचनात्मक अध्ययन” विषय पर चित्रकला में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की। उनका शोध कार्य डॉ. जगदीश प्रसाद मीणा के निर्देशन में सम्पन्न हुआ। शोध का बाह्य मूल्यांकन प्रो. कुमकुम भारद्वाज (इंदौर) ने किया तथा उन्हें डॉक्टरेट उपाधि प्रदान किए जाने की अनुशंसा की।
डॉ. धवल को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (2018), ग्रैंड मास्टर ऑफ एशिया (2021) तथा बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (2022) सहित अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उनके कार्टून एवं कॉमिक्स स्पेन, रूस, चीन, तुर्की और इज़रायल सहित अनेक देशों की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं, प्रदर्शनियों एवं कैटलॉग में प्रकाशित हो चुके हैं। भारत में भी उनकी कॉमिक्स का चयन रॉयल एनफील्ड, इको क्लब तथा WEB की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हो चुका है।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रभारी प्रो. आई. यू. खान, ख्यातनाम कलाकार डॉ. नाथूलाल वर्मा, प्रो. तनुजा सिंह, प्रो. विनोद कुमार शर्मा, प्रो. अन्नपूर्णा शुक्ला, डॉ. रितिका गर्ग, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, विभागाध्यक्ष डॉ. अमिता राज गोयल तथा डॉ. कृष्णा महावर ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।
शोध कार्य के दौरान श्री पवन कुमावत, श्री पवन जांगिड़ (कलागुरु), किशनगढ़ के वरिष्ठ कलाकार शहजाद अली शेरानी, राजकुमार सुवासिया (चाचाजी) तथा डॉ. महेश कुमावत का विशेष सहयोग रहा। इसके अतिरिक्त शोध के लिए साक्षात्कार एवं आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में श्री सुरेश कुमावत, श्री देवेन्द्र खारोल, श्री बृजमोहन कुमावत, श्री शंकर सिंह राठौर, श्री विजयसिंह परिहार तथा स्वर्गीय श्री गोपाल कुमावत के परिवार की ओर से श्रीमती अंजू कुमावत का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।
डॉ. धवल ने रवि प्रसाद कोली, सुनीता मीणा, प्रीति भट्ट, पीयूष कुमावत, विजेता धवल, देव कुमावत (बहनोई), निकुंज खूबचन्दानी, डॉ. केशव जाटव, विष्णु दौलिया (बहनोई) सहित सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता श्रीमती मीरा देवी एवं श्री भागचंद धवल, ताई-ताऊ श्रीमती विमला देवी एवं श्री कैलाश धवल, पत्नी श्रीमती पूजा धवल, पुत्र चित्रांक धवल, समस्त परिवार, गुरुजनों, मित्रों एवं शुभचिंतकों को दिया।