एसपीआईईएफ में आर्कटिक में दूरसंचार क्षेत्र के विकास और डिजिटलीकरण पर हुई चर्चा

नई दिल्ली, जून, 2022- सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में ‘कॉन्फ्रेंस ऑन टेलीकॉम्युनिकेशन डेवलपमेंट एंड डिजिटाइजेशन इन द आर्कटिक’ में हिस्सा लेने वालों ने आर्कटिक क्षेत्र में डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्रियान्वयन पर चर्चा की. साल 2021-2023 के दौरान आर्कटिक काउंसिल की रूस की चेयरमैनशिप के तहत होने वाले मुख्य कार्यक्रमों के प्लान के तहत इस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का संचालन रॉसकांग्रेस फाउंडेशन द्वारा किया गया.
इस अवसर पर आर्कटिक सीनियर ऑफिशियल्स के चेयरमैन और रूस के विदेश मामलों के मंत्रालय में Ambassador-at-Large निकोलय कोरचुनोव ने कहा, “आर्कटिक काउंसिल की रूस की चेयरमैनशिप और हमारे कार्यक्रम की मुख्य प्राथमिकता आर्कटिक क्षेत्र का सतत विकास है, जिसमें दूरसंचार का विकास जीवन की गुणवत्ता में सुधार, बेहतरी और समृद्धि के लिए जरूरी पहलुओं में शामिल है. इससे पब्लिक सर्विसेज, सुदूर इलाकों तक दवाओं और हेल्थकेयर की पहुंच और बेहतर हो पाएगी.”
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि रूस के आर्कटिक जोन में अच्छी क्वालिटी के कम्युनिकेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर और तेज-स्पीड इंटरनेट की जरूरत है और नॉर्दर्न सी रूट के डिजिटलीकरण की जरूरत है.
कोरचुनोव ने कहा, “आर्कटिक क्षेत्र में विश्वसनीय कम्युनिकेशन नेटवर्क उपलब्ध कराए जाने का काम सरल नहीं हैः जिस क्षेत्र को कवर करना है, उसका आकार बहुत बड़ा है. पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप और कॉरपोरेट रिस्पांसिबिलिटी के सिद्धांत भी अहम हैं.”
नार्दर्न सी रूट डायरेक्टरेट ऑफ द स्टेट एटोमिक एनर्जी कॉरपोरेशन Roastom के डिप्टी डायरेक्टर मैक्सिम कुलिंको ने कहा कि नॉर्दर्न सी रूट का डिजिटलीकरण देश की तकनीकी संप्रभुता से जुड़ा हुआ है. वर्तमान में इस पर काम चल रहा हैः 2021 में बजट से 3.8 अरब रूबल एवं बजट से इतर 1.4 अरब रूबल जुटाया गया. कुलिंको ने कहा, “हम वर्तमान में सक्रिय तौर पर काम कर रहे हैं, फंडिंग जुटा लिया गया है और सभी प्रोसेसज में उसेसिंक्रनाइज कर दिया गया है.”
स्पेस कम्युनिकेशन्स के जनरल डायरेक्टर एलेक्सी वोलिन ने कहा कि आर्कटिक के अधिकतर क्षेत्रों के लिए केवल सेटेलाइट कम्युनिकेशन्स का ऑप्शनल अवेलेबल है. सेटेलाइट कम्युनिकेशन महंगा होता है और फाइबर-ऑप्टिक से जुड़े विकल्पों की तुलना में इसका बैंडविथ सीमित होता है. उन्होंने कहा कि ऐसे में यह आर्कटिक के बुनियादी सामाजिक और वाणिज्यिक जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है.
कॉन्फ्रेंस में मोर्सविअज़स्पुतनिक के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एंड्री कुरोप्यात्निकोव और रॉसटेलीकॉम के वाइस प्रेसिडेंट और फार ईस्टर्न मैक्रोरीजनल ब्रांच के डायरेक्टर एलेक्जेंडर लोगीनोव ने भी हिस्सा लिया. लोगीनोव ने टेलीकम्युनिकेशन्स से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के बारे में बात की. इनके अलावा कॉन्फ्रेंस में शिरकत करने वाले रिपब्लिक ऑफ साखा के इनोवेशन्स, डिजिटल डेवलपमेंट एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजीज मामलों के मंत्री अनातोली सेमेनोव ने इलाके में डिजिटलीकरण प्रक्रिया की सफलता की बात की. रशियन पोस्ट के डिप्टी जनरल डायरेक्टर (रशियन पोस्ट) सर्गेई सर्गुशेव ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए आर्कटिक क्षेत्र में मानवरहित हवाई कार्गो डिलीवरी की बात की.
रूस के आर्कटिक जोन क्षेत्र में 2035 तक विकास के लिए डिजिटलीकरण मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल है. डिजिटल टेक्नोलॉजी से आर्कटिक क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र से पलायन में कमी लाने में मदद मिलेगी. दूसरी ओर, टेलीमेडिसिन प्रोजेक्ट्स से आर्कटिक क्षेत्र के सुदूर इलाकों में प्राइमरी हेल्थकेयर के आधुनिकीकरण में मदद मिलेगी.
रूस 2021-23 तक आर्कटिक काउंसिल का चेयरमैन रहेगा और उसके चेयरमैनशिप की मुख्य प्राथमिकताओं में आर्कटिक का सतत विकास और मूलनिवासियों सहित क्षेत्र के लोगों को समृद्ध बनाना और उनकी प्रगति सुनिश्चित करना है. आर्कटिक के मूल निवासियों को सपोर्ट करने के लिए रूस आर्कटिक के सुदूर इलाकों का डिजीटलीकरण और सेटेलाइट नेविगेशन सिस्टम की विश्वसनीयता और दक्षता में सुधार करना चाहता है. इसके साथ ही आर्कटिक में सतत विकास और जीवन स्तर में सुधार के लिए सुदूर इलाकों में शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना अहम है.

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