-बोर्ड अध्यक्ष जारोली को एसओजी द्वारा क्लीट चिट देने पर देवनानी ने दी प्रतिक्रिया।
-एसओजी सरकार के दबाव में, सरकार नहीं चाहती दोषी बडे मगरमच्छ पर आए कोई आंच।
-भाजपा को था इसका अंदेशा, इसलिए शुरूआत से ही किया सीबीआई जांच की मांग।

रीट पेपर लीक प्रकरण में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डी.पी. जारोली को एसओजी द्वारा क्लीन चिट मिलने पर भाजपा नेता, पूर्व शिक्षा मंत्री एवं अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। देवनानी ने कहा कि एसओजी राज्य सरकार के दबाव में है। राज्य सरकार नहीं चाहती कि रीट पेपर लीक प्रकरण में फंसे बडे मगरमच्छों पर कोई आंच आए।
देवनानी ने कहा कि यह वहीं राज्य सरकार है जिसने जारोली को प्रमुख दोषी मानते हुए अध्यक्ष पद से बर्खास्त किया। इतना ही नहीं जारोली खुद भी स्वीकार कर चुके है कि रीट पेपर लीक राजनीतिक संरक्षण के बिना संभव नहीं है। साफ साफ इतना संकेत देने के बाद भी एसओजी द्वारा जारोली को क्लीन चिट देना निश्चित ही ‘दाल में काला’ नहीं बल्कि पूरी की पूरी ‘दाल ही काली’ होने की ओर इशारा करती है।
देवनानी ने कहा कि राज्य सरकार लीक पेपर प्रकरण के दोषी बडे मगरमच्छों को बचाने का कार्य करेगी ऐसा भाजपा को शुरूआत से ही अंदेशा था। एसओजी सरकार के दबाव के चलते प्रामाणीकता से जांच भी नहीं कर पाएगी इसी के चलते भाजपा ने प्रकरण की जांच एसओजी के बजाए सीबीआई से कराने की पुरजोर मांग की जो आज भी जारी है। सीबीआई से जांच करा दी होती तो अब तक दूध का दूध पानी का पानी सामने आ चुका होता और दोषी सलाखों के पीछे की हवा खा रहे होते लेकिन कांग्रेस सरकार भला यह कैसे चाहती?
देवनानी ने कहा कि सरकार दोषियों को आज भी बचाने का काम कर रही है। इसकी सीबीआई से जांच होना आवश्यक हो गया है । भाजपा राज्य की सत्ता में आते ही पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई से कराएगी ताकि न केवल कांग्रेस और राज्य सरकार का काला सच सबके सामने आ सके बल्कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ न्याय हो सके। देवनानी ने एक बार फिर से इस पूरे प्रकरण की जांच एसओजी के बजाए सीबीआई से ही कराने की मांग की है।