कांकरोली। तेरापंथ महिला मंडल के तत्वाधान में सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र का अनूठा एवं सुंदर परिसंवाद का आयोजन प्रज्ञा विहार प्रांगण में किया गया।कार्यक्रम की मंगल शुरुआत साध्वी श्री मंजुयशा जी द्वारा नमस्कार महामंत्र से हुई।पूरे वातावरण को मंगलमय बनाने के लिए कांकरोली महिला मंडल की बहनों द्वारा मंगलाचरण की शानदार प्रस्तुति की गई।भारत की भूमि पर अनेक प्रतापी राजाओ ने जन्म लिया है। जिनका नाम इतिहास के पन्नों पर सुनहरे अक्षरों में लिखा गया है। इन्हीं प्रतापी राजाओ में से एक थे सूर्यवंशी राजा हरिश्चंद्र— जिन्हें उनकी सत्यनिष्ठा और त्यागनिष्ठा के लिए आज भी जाना जाता है। कैसे– सत्यवादी, महानत्यागी राजा हरिश्चंद्र ने सत्य की सुरक्षा के लिए राज्य को छोड़ा और कैसे–देव परीक्षा पूर्ण कर उत्तीर्ण हुए? इसका बहुत ही सुंदर और रोचक परिसंवाद कन्या मंडल, महिला मंडल और ज्ञानशाला के बच्चों के द्वारा किया गया। कलाकारों ने पूरा श्रम, सहयोग और समय का नियोजन करके परिसंवाद को सफल बनाया।साध्वी श्री मंजुयशा जी ठाणा 4 की प्रेरणा,सहयोग और अथक मेहनत से ही यह परिसंवाद सफल हो सका। महिला मंडल ने साध्वी श्री जी के प्रति अनंत अनंत कृतज्ञता ज्ञापित की।अंत में महिला मंडल ने इस परिसंवाद के प्रायोजक श्रीमान पारसमल जी परमार, बोरज का साहित्य और ओपराना ओढ़ाकर सम्मान किया।तेरापंथी सभा अध्यक्ष श्रीमान प्रकाश सोनी, तेयूप अध्यक्ष निखिल कच्छारा, महिला मंडल अध्यक्ष श्रीमती इंद्रा पगारिया,टीपीएफ सचिव आर. के.जैन सहित श्रीमान मनोहर लाल कोठारी, राकेश कुमार भंसाली और गणेशलाल कोठारी जैसे गणमान्य अतिथियों ने मंच को सुशोभित किया।परिसंवाद का संचालन श्रीमती प्रिया चोरड़िया ने और कार्यक्रम का संचालन व आभार मंत्री श्रीमती मनीषा कच्छारा ने किया।भारी संख्या में कांकरोली समाज के भाई बहनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाकर परिसंवाद के कलाकारों का उत्साह वर्धन किया।
प्रेषक- पप्पू लाल कीर (राजसमंद)
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