स्वामी कृष्णानंद सरस्वती की 30वी पुण्यतिथि पर श्रद्धांसुमन अर्पित

चारण साहित्य शोध संस्थान द्वारा उनके जीवन पर शोध कार्य करेंगी

अजमेर। राजस्थान में बीकानेर के एक गांव में जन्में एवं मौरिशस के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्वामी कृष्णानंद जी सरस्वती को 30वीं पुण्यतिथि के अवसर पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। चारण साहित्य शोध संस्थान में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में चारण विद्यापीठ छात्रों, संस्थान से जुड़े हुए कार्यक्रताओं और साहित्य कारों ने संस्थान आकर स्वामी जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।
पूर्व सांसंद ओंकारसिंह लखावत ने बताया कि स्वामी कृष्णानंद जी सरस्वती का अजमेर से भी गहरा जुड़ाव था। आपने पारब्रह्म मंदिर नवाब का बेड़ा में अनेक बार आंखों के निःशुल्क ऑपरेशन व उपचार के शिविर आयोजित कराएं। चारण साहित्य शोध संस्थान स्वामी कृष्णानन्द जी सरस्वती जी की प्रेरणादायी जीवनी पर सतत् प्रयास करेगा।
आपने चारण साहित्य शोध संस्थान में भी सामाजिक कार्यक्रताओं को समाज निर्माण में भी भूमिका पर शिविर में मार्ग दर्शन किया। आपने सीकर जिले के बजाज नगर (काशी का बास) में अनेक सेवा शिविरों का आयोजन अपने अनुयाईयों से करवाया। मोरिसस सरकार ने आप पर डाक टिकट भी जारी किया। आपका पंडित मदनमोहन मालवीय, महर्षि अरविंद एवं स्वामी रामसुख दास जी एवं माधवानंद जी से प्रेरणा प्राप्त कर मानव सेवा में जीवन समर्पित किया। आपने नेपाल और अनेक अफ्रीकी देशों में दीनबन्धु समाज तथा हिन्दू सेवा संस्थान की स्थापना की। आपने मोरिशस के हजारों नो जवानों की इंग्लेण्ड व मोरिसस में शिक्षा की व्यवस्था की।

ओंकार सिंह लखावत
94140 07610

error: Content is protected !!