विधानसभा मे नियम 50 के तहत देवनानी ने लगाया स्थगन प्रस्ताव
– कम उपभोग के बाद भी आ रहे चार से पांच गुणा से ज्यादा बिजली बिल = देवनानी
– सरकार ने आम जनता को बिजली के बिलो मेंं राहत नहीं देकर आहत करने का काम किया है‘- देवनानी

स्थगन प्रस्ताव के जरिए देवनानी ने कहा की अजमेर सहित सम्पूर्ण प्रदेश की जनता से पांच-पांच प्रकार के फ्यूल सरजार्च लगाकर चार से पांच गुणा अधिक राशि के बिल घर भेजे जा रहे हैं। राहत का करंट धीरे से लगाया जा रहा है। बिजली बिल का करंट लोगो की जेब पर तेज का झटका दे रहा हैं। इतना ही नहीं, घण्टों अघोषित कटौती भी एक बडी समस्या बन रही है। इसको लेकर राजस्थान ने कीर्तिमान स्थापित करते हुए उत्तर भारत के सभी राज्यों को पीछे छोडा है। शहरों में तीन से चार घण्टे तो ग्रामीण शहरों में छह-छह घण्टे तक वि़द्युत कटौती जारी है।
देवनानी ने कहा की विद्युत कंपनियां जानबूझकर महंगी दर पर बिजली खरीद रही है और इसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। बिजली कंपनियों में वित्तीय कूप्रबंधन, कमीशनखोरी और भृष्टाचार चरम सीमा पर है । फ्यूल सरचार्ज बढ़ाकर बिजली बिलों मैं करंट दौड़ाया जा रहा है । प्रदेश की जनता त्रस्त है। कई गुना अधिक बिल आने और घण्टो अघोषित बिजली के चलते आमजन में राज्य सरकार के प्रति भयंकर आक्रोश व्याप्त है।
इससे पहले देवनानी ने गुरुवार सुबह अजमेर के गांधी भवन पर बिजली बिलों में बेतहाशा वृद्धि को लेकर नही सहेगा राजस्थान अभियान के तहत भाजपा संगठन के बैनर तले धरने में भी शामिल हुए। इस मौके पर बोलते हुए देवनानी ने कहा की मुख्यमंत्री की 200 यूनिट तक के उपभोग पर सरचार्ज नही लगने का वादा भी ढकोसला ही साबित हुआ हैं। लोगो के घर जब मई और जून महीने के बिल पहुंचे तो उन्हें काफी जोर का झटका लगा है। देवनानी ने कहा की प्रदेश की जनता पहले ही देश में सबसे महंगे पेट्रोल डीजल की मार झेल रही है ऊपर से अब बिजली के बिलों में राहत के नाम पर मिल रही आफत से उसकी हालात काफी खराब हो चली है।