– अजमेर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के हाल बूरे – देवनानी

विधेयक पर बोलते हुए देवनानी ने कहा की सरकार चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बेहद लापरवाह और उदासीन हैं। प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी के साथ ही उपकरण और संसाधनों की भारी कमी हैं। एमसीआई की विजिट के दौरान यहां वहां से तबादला करके खानापूर्ति की जाती है। नए नए संस्थान खोलकर केवल ढांचे खड़े करने का काम कर रही हैं। देवनानी ने अजमेर का हवाला देते हुए कहा की यहां जरा सी तेज बारिश में पानी भर जाता है, प्लास्टर गिरते रहते है और मरीजों को शिफ्ट करना पड़ता हैं। ऐसे हालातो में जरूरी है की पहले इन्हें दुरस्त करने पर विचार किया जाए। संभाग के सबसे बडे चिकित्सालय जवाहर लाल नेहरू जीवनरक्षक दवाईयां भी उपलब्ध नही हो पा रही है। जबकि राज्य सरकार ने सभी चिकित्सा संस्थानों को अस्पतालों में अग्रिम दवाईयां रखने के आदेश है। मुख्यमंत्री निःशुल्क दवां योजना में 40 मुख्य दवाईयां जिसकी मरीजों को प्रतिदिन जरूरत रहती है वों भी उपलब्ध नही है। इन दवाईयों को लिऐ मरीजों को इधर उधर भटकना पड़ता है।
देवनानी ने प्रदेश में मेडिकल कॉलेज खोले जाने पर सरकार द्वारा खुद की वाहवाही किए जाने पर कहा की इनमें 60 फीसदी सहयोग केंद्र का भी है इसलिए अकेले वाहवाही नही ले सकते। देवनानी ने चिरंजीवी योजना पर भी सवाल खड़े करते हुए सरकार से पूछा की क्या अभी तक किसी को 10 लाख रुपए तक की भी मदद की है क्या। चिरंजीवी योजना में 5 लाख रुपए तो केंद्र की आयुष्मान योजना के शामिल है। राज्य सरकार केवल होराडिंग्स और विज्ञापन के जरिए ही प्रदेश की जनता को गुमराह कर रही है।